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Almora News: आदमखोर को ढेर करने दैना गांव पहुंचे शिकारी राजीव सोलोमन
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आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए मुरादाबाद से दैना गांव पहुंचे शिकारी राजीव सोलोमन। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। दैना गांव में बुजुर्ग को निवाला बनाने वाला तेंदुआ अभी भी पकड़ से बाहर है। वन्य जीव प्रतिपालक की तरफ से आदमखोर घोषित होने के बाद गांव में शिकारी पहुंच गए हैं। विभाग की तरफ से एक और पिंजरा लगा दिया गया है। तेंदुए की दहशत गांव में बरकरार है, लोग अकेले इधर उधर आने जाने में भी कतरा रहे हैं। तेंदुए की ढूंढ खोज के लिए वन विभाग ड्रोन कैमरे की भी मदद ले रहा है।
तहसील के सुदूरवर्ती दैना गांव में वृद्ध को निवाला बनाने वाला तेंदुआ तीन दिन बाद भी पिंजरे में नहीं फंस सका है। आदमखोर घोषित होने के बाद विभाग ने गांव में एक और पिंजरा लगा दिया है। शुक्रवार को मुरादाबाद से शिकारी भी गांव पहुंच गए हैं। ड्रोन कैमरे की मदद से भी तेंदुए की तलाश की गई। साथ ही एक अन्य पिंजरा भी गांव के समीप लगा दिया गया है।
मंगलवार को दैना गांव में तेंदुए ने 65 वर्षीय मोहन राम को मार डाला था। इसके बाद से ही गांव में दहशत फैली हुई है। वन विभाग के अधिकारियों का वहां घेराव भी हुआ। विभाग ने तत्काल मुआवजा राशि दी और वहां पिंजरा भी लगा दिया लेकिन तीन दिन बाद भी तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस सका है। इधर, आदमखोर घोषित होने के बाद तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं लेकिन फिलहाल तेंदुए की कोई गतिविधि वहां नहीं मिल पाई है।
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रेंजर मनोज कुमार लोहनी ने बताया कि पिंजरे के आस-पास तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं। मुरादाबाद से शिकारी राजीव सोलोमन को दैना बुला लिया गया है। शिकारी के लिए मचान तैयार किया जा रहा है। साथ ड्रोन उड़ाकर भी तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग की एक टीम लगातार गश्त भी कर रही है। तेंदुए के आतंक से गांव में दहशत फैली हुई है। ग्रमीणों ने तत्काल तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
कोट
-आदमखोर घोषित होने के बाद मुरादाबाद से वहां शिकारी राजीव सोलोमन टीम के साथ पहुंच गए हैं। मचान आदि तैयार किया जा रहा है। तेंदुए की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए वहां ड्रोन कैमरा भी भेजा गया है। शीघ्र ही सफलता मिलेगी।
-महातिम यादव, डीएफओ अल्मोड़ा।
अब तक छह तेंदुओं और एक बाघ को ढेर कर चुके हैं सोलोमन
रानीखेत। दैना गांव पहुंचे शिकारी राजीव सोलोमन जाने माने शिकारी रहे हैं। वह अब तक छह तेंदुए और एक आदमखोर बाघ को मार चुके हैं। वह 2006 से वन विभाग के साथ इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मूल रूप से मुरादाबाद निवासी राजीव सोलोमन को पहाड़ों का बेहद अनुभव है। वह पूर्व में रामनगर में एक बाघ तथा पौड़ी, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा क्षेत्र मेें आधा दर्जन आदमखोर तेंदुओं को ढेर कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि दैना गांव में फिलहाल वह रेकी कर रहे हैं। तेंदुए के पद चिन्ह सहित तमाम गतिविधियों का निरीक्षण करना पड़ता है। तेंदुआ पूरी तरह से आदमखोर लग रहा है। फिलहाल पिंजरा और कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। उनके साथ नदीम खान आदि भी हैं।
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तहसील के सुदूरवर्ती दैना गांव में वृद्ध को निवाला बनाने वाला तेंदुआ तीन दिन बाद भी पिंजरे में नहीं फंस सका है। आदमखोर घोषित होने के बाद विभाग ने गांव में एक और पिंजरा लगा दिया है। शुक्रवार को मुरादाबाद से शिकारी भी गांव पहुंच गए हैं। ड्रोन कैमरे की मदद से भी तेंदुए की तलाश की गई। साथ ही एक अन्य पिंजरा भी गांव के समीप लगा दिया गया है।
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मंगलवार को दैना गांव में तेंदुए ने 65 वर्षीय मोहन राम को मार डाला था। इसके बाद से ही गांव में दहशत फैली हुई है। वन विभाग के अधिकारियों का वहां घेराव भी हुआ। विभाग ने तत्काल मुआवजा राशि दी और वहां पिंजरा भी लगा दिया लेकिन तीन दिन बाद भी तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस सका है। इधर, आदमखोर घोषित होने के बाद तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं लेकिन फिलहाल तेंदुए की कोई गतिविधि वहां नहीं मिल पाई है।
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रेंजर मनोज कुमार लोहनी ने बताया कि पिंजरे के आस-पास तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं। मुरादाबाद से शिकारी राजीव सोलोमन को दैना बुला लिया गया है। शिकारी के लिए मचान तैयार किया जा रहा है। साथ ड्रोन उड़ाकर भी तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग की एक टीम लगातार गश्त भी कर रही है। तेंदुए के आतंक से गांव में दहशत फैली हुई है। ग्रमीणों ने तत्काल तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
कोट
-आदमखोर घोषित होने के बाद मुरादाबाद से वहां शिकारी राजीव सोलोमन टीम के साथ पहुंच गए हैं। मचान आदि तैयार किया जा रहा है। तेंदुए की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए वहां ड्रोन कैमरा भी भेजा गया है। शीघ्र ही सफलता मिलेगी।
-महातिम यादव, डीएफओ अल्मोड़ा।
अब तक छह तेंदुओं और एक बाघ को ढेर कर चुके हैं सोलोमन
रानीखेत। दैना गांव पहुंचे शिकारी राजीव सोलोमन जाने माने शिकारी रहे हैं। वह अब तक छह तेंदुए और एक आदमखोर बाघ को मार चुके हैं। वह 2006 से वन विभाग के साथ इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मूल रूप से मुरादाबाद निवासी राजीव सोलोमन को पहाड़ों का बेहद अनुभव है। वह पूर्व में रामनगर में एक बाघ तथा पौड़ी, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा क्षेत्र मेें आधा दर्जन आदमखोर तेंदुओं को ढेर कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि दैना गांव में फिलहाल वह रेकी कर रहे हैं। तेंदुए के पद चिन्ह सहित तमाम गतिविधियों का निरीक्षण करना पड़ता है। तेंदुआ पूरी तरह से आदमखोर लग रहा है। फिलहाल पिंजरा और कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। उनके साथ नदीम खान आदि भी हैं।