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होली की धूम : कैली बांधी चीर हो रघुनंदन...
Wed, 20 Mar 2024 10:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 20 Mar 2024 10:33 PM IST
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जागेश्वर में चीर की पूजा-अर्चना करते होल्यार। संवाद
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अल्मोड़ा। रंगभरी एकादशी पर रंग पड़ने और चीर बंधन के साथ जिले में खड़ी होली का आगाज हुआ है। जगह-जगह चीर बंधन हुआ और जमकर गुलाल उड़ा। होल्यारों ने खड़ी होली तो महिलाओं की बैठकी होली का गायन किया।
बुधवार को सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन होली खेले गिरजापति नंदन..., कैली बांधी चीर हो रघुनंदन राजा शिवजी ने बांधी चीर ब्रह्मा ने बांधी, विष्णु ने बांधी... होली गायन के साथ खड़ी होली की विधिवत शुरुआत हुई। धौलादेवी और भैंसियाछाना विकासखंड के 103 गांवों की चीर ढोल-नगाड़ों के साथ जागेश्वर धाम पहुंची। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर प्रांगण में चीर बंधन हुआ। लोगों ने चीर की आरती उतारी और खड़ी होली का जमकर गायन किया।
नगर के कर्नाटकखोला स्थित श्री भुवनेश्वर महादेव मंदिर में गणेश पूजा के बाद चीर बंधन किया गया। वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी होल्यारों ने मंजीरे और ढोलक की थाप पर घर-घर जाकर होली गायन किया। होली को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। होल्यारों ने जमकर अबीर, गुलाल उड़ाकर होली गायन किया। वहीं, नगर के विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं ने स्वांग रचते हुए बैठकी होली का गायन किया। संवाद
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चीर बंधन के साथ जैंती में खड़ी होली की धूम
जैंती। जैंती तहसील क्षेत्र के गांवों में चीर बंधन के साथ ही खड़ी होली का शुभारंभ हुआ। ग्राम देवता के मंदिर में पहुंचकर होल्यारों ने होली गायन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मल्ला बिनौला, कांडे, बिराड़, भाबू, नया संग्रौली, गणाऊं, कनरा , छाना गांव में चीर बंधन किया गया। संवाद
द्वाराहाट में गायन शुरू
द्वाराहाट। रंगभरी एकादशी पर क्षेत्र के ग्राम पंचायत दैरी, घगलोड़ी, विजयपुर, बिंता, भतौंरा, तल्ली मिरई आदि गांवों में चीरबंधन के साथ खड़ी होली की शुरूआत हुई। तल्ली मिरई में अंबा के भवन विराजै होरी ...आदि होली गायन किया गया। दैरी (डांक) में राजेन्द्र उपाध्याय, डाॅ. हरीश त्रिपाठी, नवीन त्रिपाठी, घगलोड़ी कालिका मंदिर में उमेश त्रिपाठी, प्रकाश त्रिपाठी ,श्रेयस त्रिपाठी, बिजेपुर खई में गंगा सिंह, दिवान सिंह, जीवन सिंह ने चीर बंधन किया और होल्यार होली के रंग में झूमते नजर आए। संवाद
चीर चोरी होने पर चीर बंधन की परंपरा हो जाती है समाप्त
अल्मोड़ा। कुमाऊंनी होली में चीर बंधन का विशेष महत्व है। रंगभरी एकादशी के दिन मंदिरों, सार्वजनिक स्थानों पर शुभ मुहूर्त में चीर बंधन किया जाता है। पेड़ की लंबी शाखा को को जमीन पर पेड़ की तरह गाड़ कर चीर बंधन किया जाता है। प्रत्येक घर से नए कपड़े के रंग बिरंगे कतरन से चीर बंधन किया जाता है। कुमाऊं में चीर हरण की परंपरा भी है। दूसरे गांव मोहल्ले के लोग इस चीर को चुराकर अपने यहां ले जाते हैं तो अगली होली से उस स्थान की होली में चीर बंधन की परंपरा स्वत: समाप्त हो जाती है। इसलिए चीर को हरण से बचाने के लिए इसकी रक्षा की जाती है। यही कारण है कि रात्रि में होली गायन किया जाता है और होलिका दहन के दिन इस चीर का विधिवत दहन किया जाता है। संवाद
बुधवार को सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन होली खेले गिरजापति नंदन..., कैली बांधी चीर हो रघुनंदन राजा शिवजी ने बांधी चीर ब्रह्मा ने बांधी, विष्णु ने बांधी... होली गायन के साथ खड़ी होली की विधिवत शुरुआत हुई। धौलादेवी और भैंसियाछाना विकासखंड के 103 गांवों की चीर ढोल-नगाड़ों के साथ जागेश्वर धाम पहुंची। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर प्रांगण में चीर बंधन हुआ। लोगों ने चीर की आरती उतारी और खड़ी होली का जमकर गायन किया।
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नगर के कर्नाटकखोला स्थित श्री भुवनेश्वर महादेव मंदिर में गणेश पूजा के बाद चीर बंधन किया गया। वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी होल्यारों ने मंजीरे और ढोलक की थाप पर घर-घर जाकर होली गायन किया। होली को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। होल्यारों ने जमकर अबीर, गुलाल उड़ाकर होली गायन किया। वहीं, नगर के विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं ने स्वांग रचते हुए बैठकी होली का गायन किया। संवाद
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चीर बंधन के साथ जैंती में खड़ी होली की धूम
जैंती। जैंती तहसील क्षेत्र के गांवों में चीर बंधन के साथ ही खड़ी होली का शुभारंभ हुआ। ग्राम देवता के मंदिर में पहुंचकर होल्यारों ने होली गायन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मल्ला बिनौला, कांडे, बिराड़, भाबू, नया संग्रौली, गणाऊं, कनरा , छाना गांव में चीर बंधन किया गया। संवाद
द्वाराहाट में गायन शुरू
द्वाराहाट। रंगभरी एकादशी पर क्षेत्र के ग्राम पंचायत दैरी, घगलोड़ी, विजयपुर, बिंता, भतौंरा, तल्ली मिरई आदि गांवों में चीरबंधन के साथ खड़ी होली की शुरूआत हुई। तल्ली मिरई में अंबा के भवन विराजै होरी ...आदि होली गायन किया गया। दैरी (डांक) में राजेन्द्र उपाध्याय, डाॅ. हरीश त्रिपाठी, नवीन त्रिपाठी, घगलोड़ी कालिका मंदिर में उमेश त्रिपाठी, प्रकाश त्रिपाठी ,श्रेयस त्रिपाठी, बिजेपुर खई में गंगा सिंह, दिवान सिंह, जीवन सिंह ने चीर बंधन किया और होल्यार होली के रंग में झूमते नजर आए। संवाद
चीर चोरी होने पर चीर बंधन की परंपरा हो जाती है समाप्त
अल्मोड़ा। कुमाऊंनी होली में चीर बंधन का विशेष महत्व है। रंगभरी एकादशी के दिन मंदिरों, सार्वजनिक स्थानों पर शुभ मुहूर्त में चीर बंधन किया जाता है। पेड़ की लंबी शाखा को को जमीन पर पेड़ की तरह गाड़ कर चीर बंधन किया जाता है। प्रत्येक घर से नए कपड़े के रंग बिरंगे कतरन से चीर बंधन किया जाता है। कुमाऊं में चीर हरण की परंपरा भी है। दूसरे गांव मोहल्ले के लोग इस चीर को चुराकर अपने यहां ले जाते हैं तो अगली होली से उस स्थान की होली में चीर बंधन की परंपरा स्वत: समाप्त हो जाती है। इसलिए चीर को हरण से बचाने के लिए इसकी रक्षा की जाती है। यही कारण है कि रात्रि में होली गायन किया जाता है और होलिका दहन के दिन इस चीर का विधिवत दहन किया जाता है। संवाद