अल्मोड़ा। विश्व हिंदी दिवस पर कलाकारों और साहित्यकारों की सृजन को समर्पित संस्था युवा संवाद की ओर से गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय सभागार में हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि हिंदी अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पहचान बनाने की ओर तेजी से अग्रसर है। हिंदी का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट का प्रसार बढ़ने से हिंदी को काफी फायदा मिला है। हिंदी जानने वाले इंटरनेट की दुनिया पर सक्रिय हुए हैं, जिससे हिंदी के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है। इस मौके पर उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की मशहूर कहानी ईदगाह का वाचन किया गया। साहित्यकार कपिलेश भोज ने लोगों से हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इस मौके पर युवा चित्रकार भास्कर भौर्याल, विदुषी शर्मा, रुचिका रावत, अजरा परवीन की पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाई गई। भास्कर और ललित मोहन ने हुड़के की थाप पर लोकगीत प्रस्तुत किए। युवा संवाद के संयोजक कुणाल तिवारी ने संस्था के उद्देश्यों की जानकारी दी। गोष्ठी में शंभू राणा, अजय सिंह मेहता, अजय मित्र सिंह बिष्ट, भास्कर भौर्याल, ललित मोहन, त्रिलोक सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे। संचालन डॉ. दीपा तिवारी ने किया।