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कड़ी मेहनत के बगैर नहीं मिल सकती सफलता
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केवी रानीखेत में बच्चों के बीच पूर्व ब्रिगेडियर और अन्य। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। केंद्रीय विद्यालय पहुंचे विद्यालय के पूर्व छात्र ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) डॉ. राजुल गुप्ता ने कहा कि परिस्थितियां सबके लिए विपरीत हो सकती हैं लेकिन इनका सामना करते हुए कड़ी मेहनत करनी होगी तभी सफलता मिलेगी। वह विद्यालय के वर्ष 1984 बैच के पूर्व छात्र हैं। बता दें कि ब्रिगेडियर गुप्ता कोरोना काल मार्च 2020 में स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन देशभर के लिए नीति निर्माण का कार्य कर चुके हैं।
मौजूदा वक्त में केंद्रीय विद्यालय आजादी का अमृत महोत्सव और एक भारत श्रेष्ठ भारत के कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन कर रहा है। इस कड़ी में विद्यालय के सामाजिक विज्ञान शिक्षक कमलेश सिंह ने आजादी के लिए किए गए संघर्ष को याद किया और आजादी के योद्धाओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) गुप्ता ने प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए बताया कि कक्षा एक से बारहवीं तक वह इसी विद्यालय में अध्ययनरत रहे। वर्ष 1984 में यहां से विद्यालयी शिक्षा प्राप्त करके उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की और भारतीय सेना में प्रवेश लिया।
वह सेना से सेवानिवृत्ति के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े और जब मार्च 2020 में देश कोरोना महामारी की जकड़ में आ चुका था उस समय देश के स्वास्थ्य मंत्रालय एवं तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उन्हें नीति निर्माण के लिए आमंत्रित किया। अंग्रेजी शिक्षिका विमला पांडे के योगदान को भी उन्होंने याद किया। इससे पहले प्राचार्य सुनील कुमार जोशी, उप प्राचार्य प्रवीण शर्मा, आदि ने ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) राजुल गुप्ता का स्वागत किया।
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फोटो: 04 आरकेटी 03पी:
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मौजूदा वक्त में केंद्रीय विद्यालय आजादी का अमृत महोत्सव और एक भारत श्रेष्ठ भारत के कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन कर रहा है। इस कड़ी में विद्यालय के सामाजिक विज्ञान शिक्षक कमलेश सिंह ने आजादी के लिए किए गए संघर्ष को याद किया और आजादी के योद्धाओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) गुप्ता ने प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए बताया कि कक्षा एक से बारहवीं तक वह इसी विद्यालय में अध्ययनरत रहे। वर्ष 1984 में यहां से विद्यालयी शिक्षा प्राप्त करके उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की और भारतीय सेना में प्रवेश लिया।
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वह सेना से सेवानिवृत्ति के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े और जब मार्च 2020 में देश कोरोना महामारी की जकड़ में आ चुका था उस समय देश के स्वास्थ्य मंत्रालय एवं तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उन्हें नीति निर्माण के लिए आमंत्रित किया। अंग्रेजी शिक्षिका विमला पांडे के योगदान को भी उन्होंने याद किया। इससे पहले प्राचार्य सुनील कुमार जोशी, उप प्राचार्य प्रवीण शर्मा, आदि ने ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) राजुल गुप्ता का स्वागत किया।
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