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मुंह में मिठास घोलने वाले गुड्डू भाई नहीं रहे
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा आए और गुड्डू की जलेबी नहीं खायी तो क्या खाक अल्मोड़ा आए। यह बातें अब यादें बनकर रह गई हैं क्योंकि इन बातों से ताल्लुक रखने वाला और मुंह में मिठास घोलने वाला चला गया...। नगर के कारखाना बाजार स्थित जलेबी व्यवसायी लीलाधर जोशी ‘गुड्डू’ का शुक्रवार को 54 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया है। लोग उनके हाथ की बनी जलेबियों को बड़े चाव से खाते थे।
देश को आजादी मिलने के बाद केशव दत्त जोशी ने 1951 में अल्मोड़ा के कारखाना बाजार में जलेबी की दुकान खोली। उनके निधन के बाद पुत्र दिनेश जोशी और लीलाधर जोशी ने पिता का कारोबार संभाला। दुकान में काम अधिक होने पर भाई दीप जोशी भी हाथ बंटाते थे। वर्तमान में दिनेश जोशी और लीलाधर जोशी ही जलेबी बनातेे थे।
यूं को शहर में कई स्थानों पर जलेबी की दुकानें हैं लेकिन कारखाना बाजार स्थित इस दुकान की जलेबियों का स्वाद में कुछ और ही बात है। गरम तेल की कढ़ाई में मध्यम आंच में करीने से पिरोई गईं जलेबियां जब चाशनी में पड़ती थीं तो इनकी सोंधी महक से हर शख्स के कदम दुकान के सामने थम जाते थे। लीलाधर जोशी खुद जलेबी बनाते थे, अल्मोड़ा में शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा जिन्होंने उनके हाथ से बनी जलेबियां न खाईं हों। नगर व्यापार मंडल के पूर्व नगर महासचिव दीप जोशी ने बताया कि पर्व, त्योहार के दिन तो दुकान में जलेबी के लिए लोगों की लंबी कतार लग जाती है। लीलाधर के आकस्मिक निधन से लोगों के मुंह से मिठास छिन गया है। नगर व्यापार मंडल के पूर्व नगर महासचिव दीप जोशी के बड़े भाई लीलाधर जोशी के निधन पर सूरज साह, किशन गुरुरानी, मनोज अरोड़ा, श्याम लाल साह, ललित कार्की, दीपक साह, दिनेश गोयल, दीप लाल साह आदि ने लीलाधर जोशी के निधन पर शोक जताया है।
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देश को आजादी मिलने के बाद केशव दत्त जोशी ने 1951 में अल्मोड़ा के कारखाना बाजार में जलेबी की दुकान खोली। उनके निधन के बाद पुत्र दिनेश जोशी और लीलाधर जोशी ने पिता का कारोबार संभाला। दुकान में काम अधिक होने पर भाई दीप जोशी भी हाथ बंटाते थे। वर्तमान में दिनेश जोशी और लीलाधर जोशी ही जलेबी बनातेे थे।
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यूं को शहर में कई स्थानों पर जलेबी की दुकानें हैं लेकिन कारखाना बाजार स्थित इस दुकान की जलेबियों का स्वाद में कुछ और ही बात है। गरम तेल की कढ़ाई में मध्यम आंच में करीने से पिरोई गईं जलेबियां जब चाशनी में पड़ती थीं तो इनकी सोंधी महक से हर शख्स के कदम दुकान के सामने थम जाते थे। लीलाधर जोशी खुद जलेबी बनाते थे, अल्मोड़ा में शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा जिन्होंने उनके हाथ से बनी जलेबियां न खाईं हों। नगर व्यापार मंडल के पूर्व नगर महासचिव दीप जोशी ने बताया कि पर्व, त्योहार के दिन तो दुकान में जलेबी के लिए लोगों की लंबी कतार लग जाती है। लीलाधर के आकस्मिक निधन से लोगों के मुंह से मिठास छिन गया है। नगर व्यापार मंडल के पूर्व नगर महासचिव दीप जोशी के बड़े भाई लीलाधर जोशी के निधन पर सूरज साह, किशन गुरुरानी, मनोज अरोड़ा, श्याम लाल साह, ललित कार्की, दीपक साह, दिनेश गोयल, दीप लाल साह आदि ने लीलाधर जोशी के निधन पर शोक जताया है।
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