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Almora News: 22 अक्तूबर से शुरू होगा मल्ला महल में गोल्ज्यू महोत्सव
Mon, 05 Oct 2026 01:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:25 AM IST
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अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा अक्तूबर माह में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विभिन्न रंगों से सराबोर नजर आएगी। इस महीने विभिन्न स्थानों पर रामलीला मंचन, माता की चौकी समेत कई धार्मिक आयोजन होंगे। वहीं दशहरा के बाद नगर का मल्ला महल लोक संस्कृति के रंग में रंगा दिखाई देगा। यहां 22 से 28 अक्टूबर तक गोल्ज्यू महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति की ओर से आयोजित होने वाले इस महोत्सव में उत्तराखंड की लोक संस्कृति के साथ देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं की झलक देखने को मिलेगी। महोत्सव में लोक कलाकार अपनी पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न राज्यों की संस्कृति से दर्शकों को रूबरू कराएंगे। महोत्सव के आयोजक संस्था के प्रकाश बिष्ट ने बताया कि महोत्सव में उत्तराखंड के लोक संगीत और लोकनृत्य के साथ पश्चिम बंगाल का रायवंशी, गुजरात का सिद्धिधमाल, राजस्थान का शहरिया, जम्मू-कश्मीर का रुफ, मध्य प्रदेश का बधाई, हिमाचल प्रदेश का नाटी, हरियाणा का फाग और असम का बिहू प्रमुख आकर्षण होंगे। उन्होंने बताया कि न्याय के देवता गोल्ज्यू को समर्पित इस महोत्सव का उद्देश्य लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं को मंच प्रदान करना है। महोत्सव के माध्यम से लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों की लोक परंपराओं को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा। वहीं उत्तराखंड की संस्कृति को देश भर में प्रचार होगा।
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संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति की ओर से आयोजित होने वाले इस महोत्सव में उत्तराखंड की लोक संस्कृति के साथ देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं की झलक देखने को मिलेगी। महोत्सव में लोक कलाकार अपनी पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न राज्यों की संस्कृति से दर्शकों को रूबरू कराएंगे। महोत्सव के आयोजक संस्था के प्रकाश बिष्ट ने बताया कि महोत्सव में उत्तराखंड के लोक संगीत और लोकनृत्य के साथ पश्चिम बंगाल का रायवंशी, गुजरात का सिद्धिधमाल, राजस्थान का शहरिया, जम्मू-कश्मीर का रुफ, मध्य प्रदेश का बधाई, हिमाचल प्रदेश का नाटी, हरियाणा का फाग और असम का बिहू प्रमुख आकर्षण होंगे। उन्होंने बताया कि न्याय के देवता गोल्ज्यू को समर्पित इस महोत्सव का उद्देश्य लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं को मंच प्रदान करना है। महोत्सव के माध्यम से लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों की लोक परंपराओं को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा। वहीं उत्तराखंड की संस्कृति को देश भर में प्रचार होगा।
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