फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   GMC Almora

अल्मोड़ा मेडिकल कालेज के लिए झटका है प्राचार्य डॉ. नौटियाल का इस्तीफा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2020 11:52 PM IST
विज्ञापन
GMC Almora
GMC Almora
अल्मोड़ा। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के प्राचार्य डॉ. आरजी नौटियाल ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे से अस्तित्व में आने से पहले ही मेडिकल कॉलेज चर्चाओं में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक प्राचार्य डॉ. नौटियाल पिछले छह माह से निर्माण कार्य बंद रहने, मेडिकल कॉलेज के लिए पेयजल योजना का निर्माण नहीं होने सहित कुछ अन्य कारणों से खफा थे। उनके इस्तीफे के बाद पहले से ही विलंब में चल रहे अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को शुरू करने का लक्ष्य और भी पिछड़ने की आशंका हो गई है।
विज्ञापन

जीएमसी का निर्माण करीब पांच साल पहले कांग्रेस सरकार के शासनकाल में शुरू हो गया था लेकिन भाजपा की त्रिवेंद्र रावत सरकार ने निर्माण को गति देने का प्रयास किया। प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज में 2019 में ही एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की थी लेकिन पर्याप्त बजट उपलब्ध होने के बावजूद सरकार बीते साल निर्माण कार्य पूरा करवाने में विफल रही। आखिरकार बीते साल कक्षाएं भी शुरू नहीं हो पायी। उसके बाद सरकार ने 2020 में हर हाल में कक्षाएं शुरू करने की बात कह चुकी है लेकिन हालत यह है कि कोविड-19 के आने से पहले ही जनवरी से काम बंद है। फरवरी 2020 में निरीक्षण में आए चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. वाईके पंत ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से अप्रैल तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे लेकिन इसी बीच मार्च में कोरोना का प्रकोप शुरू हो गया और लॉकडाउन के कारण काम बंद ही रहा। वर्ष 2019 में भी निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के बीच तालमेल नहीं होने से काम में निर्माण कार्य में गति नहीं आ सकी, जबकि सरकार ने पर्याप्त बजट रिलीज किया था। आज भी मेडिकल कॉलेज के भवनों के निर्माण के लिए 65 करोड़ रुपये विभाग के खाते में जमा हैं। मई से निर्माण कार्यों को शुरू करने की अनुमति मिलने के बावजूद मेडिकल कॉलेज में काम शुरू नहीं हो सका है। यह माना जा रहा है कि आज भी काम शुरू हो जाए तो भी इस साल के अंत तक एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू करने के लिए भी जरूरी भवन तैयार होने संभव नहीं हैं। निर्माण में गति लाने के अलावा मेडिकल कॉलेज के लिए पेयजल योजना के निर्माण आदि के लिए प्राचार्य डॉ. आरजी नौटियाल ने अपने कार्यकाल के दौरान लगातार पत्राचार करने के साथ ही कई सुझाव दिए लेकिन उन्हें खास गंभीरता से नहीं लिया गया। आखिरकार दुखी होकर उन्होंने सोमवार को प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को इस्तीफा भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने इस्तीफे में कहा है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण ही बंद है तो उसका भविष्य नहीं दिखाई पड़ रहा है। उधर बताया गया है कि फिलहाल शासन स्तर पर डॉ. नौटियाल के इस्तीफे पर फैसला होना बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed