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ट्रंचिंग ग्राउंड में वन भूमि का अड़ंगा
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Fri, 20 Apr 2018 11:13 PM IST
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शहर में कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं है। पालिका ने पिथौरागढ़ मार्ग पर मृग विहार से कुछ दूरी पर ट्रचिंग ग्रांउड के लिए भूमि चयनित की है, लेकिन चयनित जगह को वन भूमि की विधिवत स्वीकृति नहीं मिलने ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण अधर में लटका हुआ है।
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शहर में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी पालिका परिषद पर है। शहर से प्रतिदिन करीब दस टन से अधिक कूड़ा निकलता है। जगह-जगह कूड़ेदानों में इकट्ठा कर कूड़ा पालिका परिषद की ओर से वाहनों के जरिए शहर से करीब पांच किमी दूर पिथौरागढ़ मार्ग पर मृग बिहार से कुछ दूरी पर सड़क किनारे डाला जाता है। इस स्थान पर कई बार कूड़े में आग भी लग जाती है, जिससे पर्यावरण भी प्रदूषित होता है।
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बारिश होने पर कूड़ा बहकर निचले क्षेत्रों में भी पहुंच जाता है। सरकार और पालिका परिषद सालों बाद भी कूड़ा निस्तारण के लिए कोई ठोस योजना नहीं बना सकी है। आवारा जानवर यहां पहुचंकर कूड़े को फैलाते रहते हैं। खुले में कूड़ा डालने और कूड़े का निस्तारण नहीं होने से बदबू से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों, यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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मृग विहार से कुछ दूरी पर ट्रचिंग ग्राउंड के लिए 0.9 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है। इस भूमि को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति तो मिल गई है, लेकिन विधिवत स्वीकृत नहीं मिलने से ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण नहीं हो सका है। फिलहाल सड़क क्षेत्र से इस स्थान पर 12 लाख रुपये से दीवार का निर्माण किया जाएगा, ताकि कूड़ा नहीं फैले। - प्रकाश चंद्र जोशी, पालिकाध्यक्ष, अल्मोड़ा।