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बारिश की मार से किसान बेहाल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Sat, 04 Apr 2015 10:56 PM IST
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बारिश के चलते आलू की फसल के चौपट होने की नौबत आ गई है। ग्राम पंचायत चांदीखेत में आलू के पौधे झुलसा रोग की चपेट में आकर खराब होने लगे हैं। जिससे किसान चिंतित हैं। इधर विभाग के पास दवा नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई है।
अधिक बारिश होने से ग्राम पंचायत चांदीखेत में बोया गया करीब 500 कुंतल आलू झुलसा रोग की चपेट में आ गया है। किसान भूपाल सिंह कुमयां, मदन सिंह कुमयां, रमेश गिरी तथा हीरादेवी आदि ने बताया कि रोग पर नियंत्रण के लिए मिलने वाली दवा उद्यान विभाग के पास नहीं है जिससे समस्या और बढ़ गई है। इधर ग्राम प्रधान दानसिंह कुमयां ने उद्यान विभाग से दवा शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है।
सहायक उद्यान विभाग आरसी सती ने बताया कि झुलसा रोग ज्यादा बारिश तथा आसमान में बादल लगे रहने से होता है। इसके लिए कॉपर तथा एम 45 दवा जरूरी है। परंतु दवा अभी उपलब्ध नही है। दवा मंगवाई गई है। दवा का छिड़काव करने के बाद कम से कम दो घंटे धूप जरूरी है। वरना दवा छिड़काव का कोई लाभ नहीं है।
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क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश का सिलसिला अगर ऐसे ही चलता रहा तो इससे गेहूं की फसल भी बर्बाद हो सकती है। क्षेत्र में गेहूं और धान की पैदावार प्रचुर मात्रा में होती है। किसान लगातार हो रही इस बेमौसम बारिश से परेशान हैं।
अधिक बारिश होने से ग्राम पंचायत चांदीखेत में बोया गया करीब 500 कुंतल आलू झुलसा रोग की चपेट में आ गया है। किसान भूपाल सिंह कुमयां, मदन सिंह कुमयां, रमेश गिरी तथा हीरादेवी आदि ने बताया कि रोग पर नियंत्रण के लिए मिलने वाली दवा उद्यान विभाग के पास नहीं है जिससे समस्या और बढ़ गई है। इधर ग्राम प्रधान दानसिंह कुमयां ने उद्यान विभाग से दवा शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है।
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सहायक उद्यान विभाग आरसी सती ने बताया कि झुलसा रोग ज्यादा बारिश तथा आसमान में बादल लगे रहने से होता है। इसके लिए कॉपर तथा एम 45 दवा जरूरी है। परंतु दवा अभी उपलब्ध नही है। दवा मंगवाई गई है। दवा का छिड़काव करने के बाद कम से कम दो घंटे धूप जरूरी है। वरना दवा छिड़काव का कोई लाभ नहीं है।
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क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश का सिलसिला अगर ऐसे ही चलता रहा तो इससे गेहूं की फसल भी बर्बाद हो सकती है। क्षेत्र में गेहूं और धान की पैदावार प्रचुर मात्रा में होती है। किसान लगातार हो रही इस बेमौसम बारिश से परेशान हैं।