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Almora News: केमू बसों में शुरू नहीं हुई ई-टिकटिंग की व्यवस्था
Wed, 19 Jun 2024 12:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 19 Jun 2024 12:38 AM IST
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अल्मोड़ा। पहाड़ की लाइफलाइन केमू की बसों में ई-टिकटिंग व्यवस्था लागू करना केमू प्रबंधन के लिए चुनौती बना है। ई-टिकट न मिलने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परिचालक मैन्युअल टिकट बना रहे हैं और यात्रियों को जेब में नकदी रखनी पड़ रही है।
जिला मुख्यालय से बागेश्वर, पिथौरागढ़, रानीखेत, जैंती, चंपावत, हल्द्वानी मार्ग पर केमू की 45 बसों का संचालन हो रहा है। केमू की बसों में ई-टिकटिंग की व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है। ऐसे में परिचालक यात्रियों को मैन्युअल टिकट दे रहे हैं। कई बार रोडवेज बसों की तरह यात्री बगैर नकदी के टिकट के ऑनलाइन भुगतान की उम्मीद में केमू की बसों में पहुंच रहे हैं लेकिन ई-टिकटिंग की व्यवस्था न होने से उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। केमू प्रबंधन हर बार जल्द ई-टिकटिंग की व्यवस्था करने के दावे करता है जो अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। अपने को हाईटैक न बनाकर केमू प्रबंधन यात्रियों की दिक्कत बढ़ा रहा है। संवाद
यात्री बोले
फर्जीवाड़ा रोकने और परिचालकों के साथ ही यात्रियों का समय बचाने के लिए ई-टिकटिंग प्रणाली कारगर है। केमू में भी शीघ्र यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
-कन्हैया शर्मा, अल्मोड़ा।
केमू में कम दूरी के सफर में परिचालक यात्रियों को टिकट नहीं देते हैं। ऐसे में फर्जीवाड़े की संभावना रहती है। यात्रियों को केमू बस में सफर करने के लिए नकदी की व्यवस्था करनी होती है जो इस दौर में सही नहीं है।
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- पिंकी जोशी, अल्मोड़ा।
रोडवेज की चार बसों का संचालन रहा ठप
अल्मोड़ा। लमगड़ा-दिल्ली, टनकपुर, बेतालघाट-दिल्ली, देहरादून रूट पर चार बसों का संचालन ठप रहा। इससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। यात्री गर्मी के बीच रोडवेज स्टेशन में बसों का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। उन्हें टैक्सी और केमू बसों के सहारे सफर करना पड़ा।
कोट
केमू प्रबंधन दूरस्थ स्थानों तक सेवाएं संचालित कर रहा है। आर्थिक दिक्कत बनी हुई है। ऐसे ई-टिकिटिंग प्रणाली को लागू करने में थोड़ा समय लग सकता है।
-हिम्मत सिंह नयाल, अधिशासी निदेशक, केमू, हल्द्वानी।
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जिला मुख्यालय से बागेश्वर, पिथौरागढ़, रानीखेत, जैंती, चंपावत, हल्द्वानी मार्ग पर केमू की 45 बसों का संचालन हो रहा है। केमू की बसों में ई-टिकटिंग की व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है। ऐसे में परिचालक यात्रियों को मैन्युअल टिकट दे रहे हैं। कई बार रोडवेज बसों की तरह यात्री बगैर नकदी के टिकट के ऑनलाइन भुगतान की उम्मीद में केमू की बसों में पहुंच रहे हैं लेकिन ई-टिकटिंग की व्यवस्था न होने से उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। केमू प्रबंधन हर बार जल्द ई-टिकटिंग की व्यवस्था करने के दावे करता है जो अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। अपने को हाईटैक न बनाकर केमू प्रबंधन यात्रियों की दिक्कत बढ़ा रहा है। संवाद
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यात्री बोले
फर्जीवाड़ा रोकने और परिचालकों के साथ ही यात्रियों का समय बचाने के लिए ई-टिकटिंग प्रणाली कारगर है। केमू में भी शीघ्र यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
-कन्हैया शर्मा, अल्मोड़ा।
केमू में कम दूरी के सफर में परिचालक यात्रियों को टिकट नहीं देते हैं। ऐसे में फर्जीवाड़े की संभावना रहती है। यात्रियों को केमू बस में सफर करने के लिए नकदी की व्यवस्था करनी होती है जो इस दौर में सही नहीं है।
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- पिंकी जोशी, अल्मोड़ा।
रोडवेज की चार बसों का संचालन रहा ठप
अल्मोड़ा। लमगड़ा-दिल्ली, टनकपुर, बेतालघाट-दिल्ली, देहरादून रूट पर चार बसों का संचालन ठप रहा। इससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। यात्री गर्मी के बीच रोडवेज स्टेशन में बसों का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। उन्हें टैक्सी और केमू बसों के सहारे सफर करना पड़ा।
कोट
केमू प्रबंधन दूरस्थ स्थानों तक सेवाएं संचालित कर रहा है। आर्थिक दिक्कत बनी हुई है। ऐसे ई-टिकिटिंग प्रणाली को लागू करने में थोड़ा समय लग सकता है।
-हिम्मत सिंह नयाल, अधिशासी निदेशक, केमू, हल्द्वानी।