Ranikhet: नशे में धुत यात्री ने मचाया उत्पात, ढाई घंटे तक खड़ी रही बस; यात्रियों के साथ अभद्रता करने का आरोप
रानीखेत से दिल्ली जा रही रोडवेज बस में नशे में धुत होकर सवार एक यात्री ने जमकर उत्पात मचाया। उसने चालक, परिचालक के साथ ही अन्य यात्रियों से अभद्रता की। उसे समझाने के चलते ढाई घंटे बस रोकनी पड़ी।
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रानीखेत से दिल्ली जा रही रोडवेज बस में नशे में धुत होकर सवार एक यात्री ने जमकर उत्पात मचाया। उसने चालक, परिचालक के साथ ही अन्य यात्रियों से अभद्रता की। उसे समझाने के चलते ढाई घंटे बस रोकनी पड़ी। इसी बीच वह बस के भीतर ही असंतुलित होकर गिर गया और उसे चोट आई। ऐसे में उसे सीएचसी गरमपानी पहुंचाया और उपचार के बाद बस आगे बढ़ी।
रानीखेत डिपो की बस यूके 07 पीए 2810 सोमवार देर शाम पांच बजे 18 यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई। बस पातली बाजार पहुंची थी कि नशे में धुत यात्री देवेंद्र ने चालक, परिचालक और अन्य यात्रियों के साथ गली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। ऐसे में यात्रियों में अफरातफरी मच गई और वे अपनी सीट पर दुबके रहे। चालक और परिचालक ने उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन वह शांत नहीं हुआ। मजबूर होकर चालक को बस रोकनी पड़ी। इसी बीच वह असंतुलित होकर बस के भीतर गिर गया और उसके सिर और आंख में गंभीर चोट आ गई। चालक, परिचालक ने उसे सीएचसी गरमपानी पहुंचाया जहां उसका उपचार किया गया। चोट लगने के बाद जब वह शांत हुआ तो ढाई घंटे बाद बस आगे बढ़ी और सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली। चिकित्सकों ने भी उसके नशे में होने की पुष्टि की। संवाद
बोले यात्री-
रोडवेज बस में यात्री परिवार सहित यात्रा करते हैं। नशा करने वाले यात्रियों की वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटना चाहिए।
-कुंदन सिंह
नशे में धुत यात्री की वजह से ढाई घंटे इंतजार करना पड़ा। वह नशे की हालत में हंगामा करता रहा, इससे दुर्घटना भी हो सकती थी। निगम को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
-रवि राज सिंह
एक यात्री ने नशे की हालत में बस में हंगामा किया। इससे ढाई घंटे बस खड़ी करनी पड़ी। उसे चोट भी आई और अस्पताल में उसका उपचार हुआ। मामले की जानकारी अनुभाग कार्यालय को दी गई थी। बस में चढ़ने वाला यात्री नशे में हैं या नहीं यह देखना मुश्किल होता है। बस में चढ़ने के बाद जब यात्री ने हंगामा शुरू किया तब उसके नशे में होने का पता चला।
-अमित महरा, परिचालक।