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Almora News: मानिला गैस गोदाम में गहराया पेयजल संकट, 15 दिन में एक बार मिल रहा पानी
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सरकार भले ही जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल, हर घर जल का दावा कर रही हो लेकिन सल्ट क्षेत्र के मानिला स्थित गैस गोदाम में वर्षों पुराना पेयजल संकट आज भी बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि यहां तैनात कर्मचारियों और आसपास के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गैस गोदाम क्षेत्र जल निगम की बरकिंडा पेयजल योजना के अंतर्गत आता है लेकिन यहां करीब 15 दिन में केवल एक बार पानी की आपूर्ति हो पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की मात्रा इतनी कम होती है कि बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रहीं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह असंतुलित हो चुकी है। कुछ कनेक्शनों में जरूरत से अधिक पानी पहुंच रहा है जबकि कई घरों और प्रतिष्ठानों तक पानी पहुंच ही नहीं रहा है। कई बार लोगों को एक-एक महीने तक पानी का इंतजार करना पड़ता है।
निजी स्तर पर मंगवाना पड़ रहा पानी
गैस गोदाम में तैनात मैनेजर प्रकाश शर्मा ने बताया कि नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण कई बार निजी स्तर पर पानी मंगवाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी से लेकर दैनिक उपयोग तक हर कार्य प्रभावित हो रहा है और लंबे समय से समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल संकट का असर केवल गैस गोदाम तक सीमित नहीं है बल्कि आसपास के परिवारों, व्यापारियों और अन्य लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। गैस गोदाम के सामने स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम के विश्राम गृह में आने वाले पर्यटकों को भी पानी की कमी से परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ होटल व्यवसायियों द्वारा मनमाने तरीके से पानी अपनी ओर मोड़े जाने के कारण अन्य उपभोक्ताओं तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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कोट
गैस गोदाम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को लेकर जो भी समस्याएं सामने आ रही हैं उनका जल्द निरीक्षण कर समाधान कराया जाएगा। कनेक्शनों में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -महेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, जल निगम
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गैस गोदाम क्षेत्र जल निगम की बरकिंडा पेयजल योजना के अंतर्गत आता है लेकिन यहां करीब 15 दिन में केवल एक बार पानी की आपूर्ति हो पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की मात्रा इतनी कम होती है कि बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रहीं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह असंतुलित हो चुकी है। कुछ कनेक्शनों में जरूरत से अधिक पानी पहुंच रहा है जबकि कई घरों और प्रतिष्ठानों तक पानी पहुंच ही नहीं रहा है। कई बार लोगों को एक-एक महीने तक पानी का इंतजार करना पड़ता है।
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निजी स्तर पर मंगवाना पड़ रहा पानी
गैस गोदाम में तैनात मैनेजर प्रकाश शर्मा ने बताया कि नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण कई बार निजी स्तर पर पानी मंगवाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी से लेकर दैनिक उपयोग तक हर कार्य प्रभावित हो रहा है और लंबे समय से समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल संकट का असर केवल गैस गोदाम तक सीमित नहीं है बल्कि आसपास के परिवारों, व्यापारियों और अन्य लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। गैस गोदाम के सामने स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम के विश्राम गृह में आने वाले पर्यटकों को भी पानी की कमी से परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ होटल व्यवसायियों द्वारा मनमाने तरीके से पानी अपनी ओर मोड़े जाने के कारण अन्य उपभोक्ताओं तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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गैस गोदाम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को लेकर जो भी समस्याएं सामने आ रही हैं उनका जल्द निरीक्षण कर समाधान कराया जाएगा। कनेक्शनों में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -महेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, जल निगम