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Almora News: लगातार तीसरी बार विश्व के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए डॉ. रोहित जोशी
Mon, 12 Oct 2026 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:46 PM IST
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अल्मोड़ा। चीनाखान निवासी डॉ. रोहित जोशी ने लगातार तीसरी बार विश्व के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में स्थान हासिल किया है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की वर्ष 2026 की रैंकिंग में उन्हें यह उपलब्धि मिली है। वह हिमाचल प्रदेश के पालमपुर स्थित सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान की पादप ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला में प्रधान वैज्ञानिक हैं।
डॉ. रोहित जोशी को पादप ऊतक संवर्धन, कार्यात्मक जीनोमिक्स और जेनेटिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके शोध के लिए यह पहचान मिली है। उनके शोध पौधों में प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों को सहन करने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उनके नाम 100 शोध पत्र, 50 पुस्तक अध्याय और सात पुस्तकें दर्ज हैं। उनके शोध कार्यों को 5,900 से अधिक उद्धरण मिल चुके हैं। डॉ. रोहित ने राजकीय इंटर कॉलेज अल्मोड़ा से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने सोबन सिंह जीना परिसर से बीएससी व गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से एमएससी और पीएचडी की। वह पिछले सात वर्षों से पालमपुर में उच्च हिमालयी क्षेत्रों के औषधीय और सुगंधित पौधों पर शोध कर रहे हैं। उनकी उपलब्धि पर पिता डॉ. पीसी जोशी ने खुशी जताई है। संवाद
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डॉ. रोहित जोशी को पादप ऊतक संवर्धन, कार्यात्मक जीनोमिक्स और जेनेटिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके शोध के लिए यह पहचान मिली है। उनके शोध पौधों में प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों को सहन करने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उनके नाम 100 शोध पत्र, 50 पुस्तक अध्याय और सात पुस्तकें दर्ज हैं। उनके शोध कार्यों को 5,900 से अधिक उद्धरण मिल चुके हैं। डॉ. रोहित ने राजकीय इंटर कॉलेज अल्मोड़ा से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने सोबन सिंह जीना परिसर से बीएससी व गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से एमएससी और पीएचडी की। वह पिछले सात वर्षों से पालमपुर में उच्च हिमालयी क्षेत्रों के औषधीय और सुगंधित पौधों पर शोध कर रहे हैं। उनकी उपलब्धि पर पिता डॉ. पीसी जोशी ने खुशी जताई है। संवाद
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