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गगास नदी से लगातार बन रही पेयजल योजनाओं से ग्रामीण आक्रोशित

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2020 11:24 PM IST
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Dimand of Water in Ranikhet
रीठा महादेव में गगास नदी से बन रही पेयजल योजनाओं का विरोध करते ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। गगास नदी से लगातार बनाई रहीं पेयजल योजनाओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि पर्यावरण को ध्यान में रखकर योजनाओं का निर्माण नहीं हो रहा है, जिसके चलते नदी के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीणों ने गगास-ईड़ा पेयजल पंपिंग योजना के विरोध में भी प्रदर्शन किया।
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ग्रामीणों का कहना है गगास नदी से अवैज्ञानिक तरीके से पेयजल योजनाएं बन रही हैं, जो कि पर्यावरण की दृष्टि से ठीक नहीं हैं। इससे नदी के अस्तित्व पर भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने नदी से बनाई जा रही गगास-ईड़ा पेयजल पंपिंग योजना के विरोध में भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में क्षेत्र के कई गांवों के लोग शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि गगास नदी पर क्षेत्र के सैकड़ों गांव निर्भर हैं। क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि के लिए सिंचाई की व्यवस्था भी यहीं से होती है। लेकिन गगास नदी से लगातार पेयजल योजनाओं का निर्माण हो रहा है, जिससे नदी के अस्तित्व को संकट खड़ा हो गया है। कहा कि प्रशासन को नदी के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यदि प्रशासन पहल नहीं करता तो गगास नदी बचाओ के नाम से वृहद आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रीठा महादेव, उणुली, खनोलिया, खैरिया आदि गांवों के ग्रामीणों के अलावा कमलेश सती, देवी दत्त, रणजीत सिंह नेगी, बालम सिंह, चंद्रशेखर सती, मोहन सिंह, विजय सती, दीपक सती, दीपक खाती आदि रहे।
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