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सिंचाई अव्यवस्था से खिन्न महिलाओं ने जेई का किया घेराव
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चौखुटिया के धुधलिया में सिंचाई विभाग की जेई मंजू नेगी (चश्मा पहने)को घेरे बैठी महिलाएं।
- फोटो : ALMORA
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। नगर पंचायत के वार्ड धुधलिया बिष्ट और धुधलिया महर में सिंचाई अव्यवस्था से खिन्न महिलाओं ने मौके पर पहुंची सिंचाई विभाग की जेई मंजू नेगी को एक घंटे तक घेरा। बाद में उनके आश्वासन पर महिलाएं मान गईं।
लोगों का आरोप है कि दो वार्डों के खेतों में सिंचाई के लिए बनाई गई धुधलिया महर नहर में पिछले तीन साल से पानी नहीं आ रहा है। सिंचाई के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। किसान ढाई साल से लगातार प्रार्थना पत्र देकर नहरों में पानी चलाने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पूर्व प्रधान गोकुलानंद नैनवाल ने बताया कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत भी इसका प्रस्ताव लेकर वे देहरादून तक गए लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी।
इससे आहत महिलाओं समेत कई ग्रामीणों ने सोमवार को मौके पर पहुंचीं सिंचाई विभाग की जेई मंजू नेगी को घेर लिया। किसानों ने उनसे समस्या का समाधान शीघ्र करने की मांग की। महिलाओं ने जेई से कहा कि नहर में पानी चलाने के बाद ही वह जेई को वहां से जाने देंगी। जेई ने हफ्तेभर में नहर की मरम्मत कर सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव नाबार्ड के माध्यम से भेजने का आश्वासन दिया। तभी करीब एक घंटे बाद महिलाओं ने उन्हें जाने दिया। वहां शांति देवी, पार्वती देवी, गंगा, भावना, आनंदी, पुष्पा, मोहनी, नंदी, शांति, भावना आदि महिलाएं मौजूद थीं। बाद में इन महिलाओं ने नगर पंचायत कार्यालय में जाकर लावारिस पशुओं से भी छुटकारा दिलाने की मांग की।
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सिंचाई नहर की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को लगातार अवगत कराया गया है। जिला योजना से नहर की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन वह स्वीकृत नहीं हो सका। अब नाबार्ड के माध्यम से प्रस्ताव बनाकर फिर से भेजेंगे। पानी की वैकल्पिक व्यवस्था एक हफ्ते में कर दी जाएगी। - मंजू नेगी, जेई, सिंचाई उपखंड चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
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लोगों का आरोप है कि दो वार्डों के खेतों में सिंचाई के लिए बनाई गई धुधलिया महर नहर में पिछले तीन साल से पानी नहीं आ रहा है। सिंचाई के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। किसान ढाई साल से लगातार प्रार्थना पत्र देकर नहरों में पानी चलाने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पूर्व प्रधान गोकुलानंद नैनवाल ने बताया कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत भी इसका प्रस्ताव लेकर वे देहरादून तक गए लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी।
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इससे आहत महिलाओं समेत कई ग्रामीणों ने सोमवार को मौके पर पहुंचीं सिंचाई विभाग की जेई मंजू नेगी को घेर लिया। किसानों ने उनसे समस्या का समाधान शीघ्र करने की मांग की। महिलाओं ने जेई से कहा कि नहर में पानी चलाने के बाद ही वह जेई को वहां से जाने देंगी। जेई ने हफ्तेभर में नहर की मरम्मत कर सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव नाबार्ड के माध्यम से भेजने का आश्वासन दिया। तभी करीब एक घंटे बाद महिलाओं ने उन्हें जाने दिया। वहां शांति देवी, पार्वती देवी, गंगा, भावना, आनंदी, पुष्पा, मोहनी, नंदी, शांति, भावना आदि महिलाएं मौजूद थीं। बाद में इन महिलाओं ने नगर पंचायत कार्यालय में जाकर लावारिस पशुओं से भी छुटकारा दिलाने की मांग की।
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सिंचाई नहर की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को लगातार अवगत कराया गया है। जिला योजना से नहर की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन वह स्वीकृत नहीं हो सका। अब नाबार्ड के माध्यम से प्रस्ताव बनाकर फिर से भेजेंगे। पानी की वैकल्पिक व्यवस्था एक हफ्ते में कर दी जाएगी। - मंजू नेगी, जेई, सिंचाई उपखंड चौखुटिया (अल्मोड़ा)।