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अक्तूबर से शुरू होगा दीन दयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Sep 2017 10:52 PM IST
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बीपीएल कार्ड धारक वरिष्ठ नागरिकों के लिए पंडित दीन दयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना शुरू हो गई है। इसके तहत यात्रियों को गंगोत्री धाम, बद्रीनाथ धाम, मीठा-रीठा साहिब, नानक मत्ता, गंगोलीहाट, बैजनाथ, गैराड़ गोलू बागेश्वर, जागेश्वर धाम और कलियर शरीफ की यात्रा कराई जाएगी। वरिष्ठ नागरिक एक साल में केवल एक ही बार धाम की यात्रा पर जा सकता है।
राज्य सरकार ने पंडित दीन दयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना शुरू कर दी है। अक्तूबर प्रथम सप्ताह से शुरू होने वाली यात्रा के लिए प्रत्येक जिले के 60 साल या उससे अधिक आयु के गरीब रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले और निर्बल वर्ग के बीपीएल कार्ड धारकों के वरिष्ठ नागरिकों का चयन किया जाएगा।
इस यात्रा में 70 साल से अधिक आयु के निशक्त, दिव्यांग बुजुर्ग अपने साथ सहायता के लिए पारिवारिक सदस्य को सहयोगी के रूप में ले जा सकते हैं, जिसमें सहायक को यात्रा की लागत का 50 प्रतिशत भुगतान कार्यालय में यात्रा से पूर्व जमा करना होगा। यात्रा के लिए स्वास्थता प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
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जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या ने बताया कि पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आयु एवं स्वस्थता प्रमाण पत्रों की जांच के बाद वरिष्ठ यात्रियों का चयन किया जाएगा। योजना के संबंध में जिला पर्यटन विकास अधिकारी या फिर तहसीलों के एसडीएम कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है। ब्यूरो
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राज्य सरकार ने पंडित दीन दयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना शुरू कर दी है। अक्तूबर प्रथम सप्ताह से शुरू होने वाली यात्रा के लिए प्रत्येक जिले के 60 साल या उससे अधिक आयु के गरीब रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले और निर्बल वर्ग के बीपीएल कार्ड धारकों के वरिष्ठ नागरिकों का चयन किया जाएगा।
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इस यात्रा में 70 साल से अधिक आयु के निशक्त, दिव्यांग बुजुर्ग अपने साथ सहायता के लिए पारिवारिक सदस्य को सहयोगी के रूप में ले जा सकते हैं, जिसमें सहायक को यात्रा की लागत का 50 प्रतिशत भुगतान कार्यालय में यात्रा से पूर्व जमा करना होगा। यात्रा के लिए स्वास्थता प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
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जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या ने बताया कि पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आयु एवं स्वस्थता प्रमाण पत्रों की जांच के बाद वरिष्ठ यात्रियों का चयन किया जाएगा। योजना के संबंध में जिला पर्यटन विकास अधिकारी या फिर तहसीलों के एसडीएम कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है। ब्यूरो