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कुकर्मी दुकानदार को 10 साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Thu, 26 Feb 2015 11:39 PM IST
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पिछले वर्ष जून में कपकोट के एक गांव में बालक के साथ कुकर्म करने वाले दुकानदार को जिला जज ने दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित बालक को 20 हजार रुपए का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। बालक के पुनर्वास के लिए सरकार के स्तर से भी 30 हजार के मुआवजे की व्यवस्था की है।
आठ जून को आठ साल का बालक गधेरे से नहाकर घर लौट रहा था। तभी कपकोट क्षेत्र के दुकानदार गोविंद राम ने बालक को दुकान में बुलाकर कुकर्म किया। इसके बाद डरा-धमकाकर घर भेज दिया। रात में पीड़ित बालक को दर्द होने पर राज खुला। बालक के पिता ने 11 जून को गोविंदराम के खिलाफ कपकोट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित के मेडिकल में भी आरोप की पुष्टि हुई। पुलिस ने धारा 377 3 ए और पोस्को अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता आबिद हसन ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए।
जिला जज ने आरोपी को दोषी मानते हुए बुधवार को फैसला सुनाया। जिला जज ने अभियुक्त को एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित को 20 हजार रुपए का मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं। मुआवजा न देने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास होगा। इसके साथ ही जिला जज ने बालक के पुनर्वास के लिए 30 हजार रुपए के मुआवजे की व्यवस्था राज्य सरकार के स्तर से कराई है। घटना के कारण बालक को लगे मानसिक आघात से उबारने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विशेष काउंसलिंग की व्यवस्था भी करेंगे।
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आठ जून को आठ साल का बालक गधेरे से नहाकर घर लौट रहा था। तभी कपकोट क्षेत्र के दुकानदार गोविंद राम ने बालक को दुकान में बुलाकर कुकर्म किया। इसके बाद डरा-धमकाकर घर भेज दिया। रात में पीड़ित बालक को दर्द होने पर राज खुला। बालक के पिता ने 11 जून को गोविंदराम के खिलाफ कपकोट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित के मेडिकल में भी आरोप की पुष्टि हुई। पुलिस ने धारा 377 3 ए और पोस्को अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता आबिद हसन ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए।
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जिला जज ने आरोपी को दोषी मानते हुए बुधवार को फैसला सुनाया। जिला जज ने अभियुक्त को एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित को 20 हजार रुपए का मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं। मुआवजा न देने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास होगा। इसके साथ ही जिला जज ने बालक के पुनर्वास के लिए 30 हजार रुपए के मुआवजे की व्यवस्था राज्य सरकार के स्तर से कराई है। घटना के कारण बालक को लगे मानसिक आघात से उबारने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विशेष काउंसलिंग की व्यवस्था भी करेंगे।
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