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सहकारी बैंक घोटाले में अब तीसरी एफआईआर दर्ज होगी
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अल्मोड़ा। जिला सहकारी बैंक लमगड़ा में लाखों की हेराफेरी के नए मामले सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने एक बार फिर विभागीय जांच शुरू कर दी है। उधर इस मामले में अब तीसरी एफआईआर दर्ज करने की नौबत आ गई है। बैंक में अब तक करीब 80 लाख का घोटाला पकड़ में आ चुका है और आगे भी इस तरह के मामले सामने आने की आशंका बनी हुई है।
बता दें कि जिला सहकारी बैंक की लमगड़ा शाखा में पिछले करीब चार-पांच सालों के भीतर दर्जनों बैंक ग्राहकों के खातों से करीब करीब 28 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। इसके अलावा मोतियापाथर और चायखान प्राइमरी एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा जमा की गई करीब 44 लाख रुपये की राशि भी हड़प ली।
इस मामले में बीते 12 दिसंबर को एफआईआर दर्ज होने के बाद करीब आठ लाख की हेराफेरी के नौ-दस नए मामले पकड़ में आए हैं। इधर बैंक के महाप्रबंधक विवेकानंद पांडे ने बताया कि जांच अधिकारी डीजीएम राम विलास सिंह नए मामलों की भी जांच कर रहे हैं। इधर लमगड़ा के थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बैंक घोटाले में दो एफआईआर पहले से ही दर्ज हो चुकी हैं। नए मामले सामने आने के बाद फिर से अलग एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में उच्च स्तर तक गंभीर लापरवाही बरती गई है।
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बता दें कि जिला सहकारी बैंक की लमगड़ा शाखा में पिछले करीब चार-पांच सालों के भीतर दर्जनों बैंक ग्राहकों के खातों से करीब करीब 28 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। इसके अलावा मोतियापाथर और चायखान प्राइमरी एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा जमा की गई करीब 44 लाख रुपये की राशि भी हड़प ली।
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इस मामले में बीते 12 दिसंबर को एफआईआर दर्ज होने के बाद करीब आठ लाख की हेराफेरी के नौ-दस नए मामले पकड़ में आए हैं। इधर बैंक के महाप्रबंधक विवेकानंद पांडे ने बताया कि जांच अधिकारी डीजीएम राम विलास सिंह नए मामलों की भी जांच कर रहे हैं। इधर लमगड़ा के थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बैंक घोटाले में दो एफआईआर पहले से ही दर्ज हो चुकी हैं। नए मामले सामने आने के बाद फिर से अलग एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में उच्च स्तर तक गंभीर लापरवाही बरती गई है।
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