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नमूने फेल होने पर कंपनियों-विक्रेताओं पर 6.37 लाख जुर्माना ठोका
Updated Tue, 17 Apr 2018 10:53 PM IST
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अल्मोड़ा। खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूने फेल हो जाने पर अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीन अलग-अलग मामलों में 6.37 लाख रुपये जुर्माना ठोक दिया। इनमें अडानी विलमार्ड लिमिटेड गुजरात पर ढाई लाख, विशाल मेगामार्ट अल्मोड़ा पर 75 हजार, विक्रम जनरल स्टोर एनटीडी दो हजार, निर्माता कंपनी बानासकांठा कोआपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर पालनपुर गुजरात पर ढाई लाख और हजारा फूड्स लाला बाजार पर 60 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह ने 2015 में विशाल मेगामार्ट अल्मोड़ा से फारच्यून कच्ची घानी सरसों तेल का नमूना लिया था। जिसे खाद्य विश्लेषक रुद्रपुर द्वारा अधोमानक घोषित किया गया। इस पर खाद्य विभाग ने अधोमानक खाद्य पदार्थ के विक्रेता विशाल मेगामार्ट के लक्ष्मण कुमार और निर्माता कंपनी अडानी विलमार्ड राजस्थान के खिलाफ अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया गया। अपर जिला मजिस्ट्रेट कैलाश सिंह टोलिया ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 51 के तहत निर्माता कंपनी मैसर्स अडानी विलमार्ड पर ढाई लाख और विशाल मेगामार्ट अल्मोड़ा पर 75 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। दूसरे मामले में 2015 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने एनटीडी स्थित विक्रम जनरल स्टोर से अमूल गोल्ड दूध का नमूना लिया था। यह नमूना भी मानक में खरा नहीं उतरा। जिस पर खाद्य विभाग की टीम ने विक्रम सिंह जनरल स्टोर और निर्माता कंपनी मैसर्स बानासकांठा कोआपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर पालनपुर गुजरात के खिलाफ अपर जिला मजिस्ट्रेट में वाद दायर किया। अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने विक्रेता पर दो हजार और बनासकांठा कंपनी पर ढाई लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
तीसरे मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 2016 में मैसर्स हजारा फूड्स लाला बाजार अल्मोड़ा से गुजिया का नमूना लिया था। इसे भी खाद्य विश्लेषक रुद्रपुर द्वारा अधोमानक घोषित किया गया है। यह मामला भी अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। अपर जिला मजिस्ट्रेट ने विक्रेता मैसर्स हजारा फूड्स पर 60 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। तीनों मामलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह द्वारा पैरवी की गई थी।
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जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह ने 2015 में विशाल मेगामार्ट अल्मोड़ा से फारच्यून कच्ची घानी सरसों तेल का नमूना लिया था। जिसे खाद्य विश्लेषक रुद्रपुर द्वारा अधोमानक घोषित किया गया। इस पर खाद्य विभाग ने अधोमानक खाद्य पदार्थ के विक्रेता विशाल मेगामार्ट के लक्ष्मण कुमार और निर्माता कंपनी अडानी विलमार्ड राजस्थान के खिलाफ अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया गया। अपर जिला मजिस्ट्रेट कैलाश सिंह टोलिया ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 51 के तहत निर्माता कंपनी मैसर्स अडानी विलमार्ड पर ढाई लाख और विशाल मेगामार्ट अल्मोड़ा पर 75 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। दूसरे मामले में 2015 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने एनटीडी स्थित विक्रम जनरल स्टोर से अमूल गोल्ड दूध का नमूना लिया था। यह नमूना भी मानक में खरा नहीं उतरा। जिस पर खाद्य विभाग की टीम ने विक्रम सिंह जनरल स्टोर और निर्माता कंपनी मैसर्स बानासकांठा कोआपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर पालनपुर गुजरात के खिलाफ अपर जिला मजिस्ट्रेट में वाद दायर किया। अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने विक्रेता पर दो हजार और बनासकांठा कंपनी पर ढाई लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
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तीसरे मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 2016 में मैसर्स हजारा फूड्स लाला बाजार अल्मोड़ा से गुजिया का नमूना लिया था। इसे भी खाद्य विश्लेषक रुद्रपुर द्वारा अधोमानक घोषित किया गया है। यह मामला भी अपर जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। अपर जिला मजिस्ट्रेट ने विक्रेता मैसर्स हजारा फूड्स पर 60 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। तीनों मामलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह द्वारा पैरवी की गई थी।
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