{"_id":"5a106b024f1c1bf4688bc013","slug":"141511025410-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएनएम सेंटर फर्जीवाड़े की हकीकत सामने आने की उम्मीद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एएनएम सेंटर फर्जीवाड़े की हकीकत सामने आने की उम्मीद
Updated Sat, 18 Nov 2017 10:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में एएनएम सेंटर के नाम पर मध्यप्रदेश और जम्मू-कश्मीर के प्राइवेट नर्सिंग कालेजों से प्रमाणपत्र जारी करने के मामले की जांच एसआईटी को सौंपे जाने के बाद इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की हकीकत सामने आने की उम्मीद है। बताया गया है कि कई लोगों से लाखों वसूले जाने के बाद उन्हें प्रमाणपत्र भी नहीं दिए गए। कई को बगैर ट्रेनिंग के ही प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए। पूर्व में जिला प्रशासन की जांच के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की संस्तुति की थी।
जानकारी के मुताबिक अल्मोड़ा के धारानौला में करीब चार साल पहले भूपेंद्र आर्या नामक व्यक्ति ने एएनएम ट्रेनिंग सेंटर खोला और इसमें कई युवतियों को प्रवेश दिया। प्रवेश लेने वाली युवतियों को संचालकों ने मध्यप्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ प्राइवेट संस्थानों का प्रमाणपत्र थमा दिए। दिलचस्प तथ्य यह भी सामने आया है कि कई ऐसी युवतियों को भी प्रमाणपत्र दे दिए गए जिन्होंने एएनएम प्रशिक्षण के नाम पर कुछ भी नहीं सीखा था, जबकि कई युवतियों से शुल्क लेने के बावजूद उन्हें प्रमाणपत्र नही दिए गए।
कुछ समय बाद कथित प्रशिक्षण संस्थान बंद करके संचालक फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस मामले की जांच एसडीएम विवेक राय और उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. योगेश पुरोहित को सौंप दी। जांच में एसडीएम और डिप्टी सीएमओ को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। एसडीएम विवेक राय की जांच रिपोर्ट पर तत्कालीन जिलाधिकारी सविन बंसल ने उच्च स्तरीय जांच की सिफा रशि की थी। सूत्रों के मुताबिक जिलाधिकारी की संस्तुति के आधार पर ही इस मामले में एसआईटी गठित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक अल्मोड़ा के धारानौला में करीब चार साल पहले भूपेंद्र आर्या नामक व्यक्ति ने एएनएम ट्रेनिंग सेंटर खोला और इसमें कई युवतियों को प्रवेश दिया। प्रवेश लेने वाली युवतियों को संचालकों ने मध्यप्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ प्राइवेट संस्थानों का प्रमाणपत्र थमा दिए। दिलचस्प तथ्य यह भी सामने आया है कि कई ऐसी युवतियों को भी प्रमाणपत्र दे दिए गए जिन्होंने एएनएम प्रशिक्षण के नाम पर कुछ भी नहीं सीखा था, जबकि कई युवतियों से शुल्क लेने के बावजूद उन्हें प्रमाणपत्र नही दिए गए।
विज्ञापन
कुछ समय बाद कथित प्रशिक्षण संस्थान बंद करके संचालक फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस मामले की जांच एसडीएम विवेक राय और उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. योगेश पुरोहित को सौंप दी। जांच में एसडीएम और डिप्टी सीएमओ को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। एसडीएम विवेक राय की जांच रिपोर्ट पर तत्कालीन जिलाधिकारी सविन बंसल ने उच्च स्तरीय जांच की सिफा रशि की थी। सूत्रों के मुताबिक जिलाधिकारी की संस्तुति के आधार पर ही इस मामले में एसआईटी गठित की गई है।
विज्ञापन