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नाबालिग से दुराचार मामले में पिता पर आरोप तय
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:13 PM IST
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अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायालय ने नाबलिग पुत्री से दुराचार करने के मामले में आरोपी पिता पर धारा 376 और पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध किया है। इस मामले में फैसला तीन जनवरी को सुनाया जाएगा। पिता पूर्व से ही मानव तस्करी के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
मालूम हो कि आरोपी पिता राजन राम ने अपनी 13 साल की पुत्री का विवाह 28 फरवरी को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति से कर दिया था। शिकायत मिलने पर एनटीडी पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को एनटीडी से गिरफ्तार कर लिया था। नाबालिग किशोरी को किशोरी सदन भेज दिया था। यह मामला विशेष सत्र न्यायालय में चला था। न्यायालय ने गत 30 अक्तूबर को मानव तस्करी के इस मामले में पिता राजन राम को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा दोनों पक्षों के पंडितों, दूल्हे समेत सात लोगों को भी सजा सुनाई थी।
मई माह में किशोरी ने किशोरी सदन की अधीक्षिका को बताया कि पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। अधीक्षिका ने इस संबंध में बाल कल्याण समिति को अवगत कराया। बाल कल्याण समिति ने एसडीएम भनोली को जानकारी दी। किशोरी की ओर से राजस्व उप निरीक्षक पनुवानौला के यहां प्राथमिकी दर्ज हुई। बाद में मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हुआ।
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पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ विशेष सत्र न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी, निर्भया प्रकोष्ठ की वरिष्ठ अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने गवाह पेश किए और प्रभावी पैरवी की। न्यायालय में आरोपी पिता पर धारा 376 और पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध हुआ है। न्यायालय इस मामले में अगली तारीख को फैसला सुनाएगा।
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मालूम हो कि आरोपी पिता राजन राम ने अपनी 13 साल की पुत्री का विवाह 28 फरवरी को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति से कर दिया था। शिकायत मिलने पर एनटीडी पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को एनटीडी से गिरफ्तार कर लिया था। नाबालिग किशोरी को किशोरी सदन भेज दिया था। यह मामला विशेष सत्र न्यायालय में चला था। न्यायालय ने गत 30 अक्तूबर को मानव तस्करी के इस मामले में पिता राजन राम को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा दोनों पक्षों के पंडितों, दूल्हे समेत सात लोगों को भी सजा सुनाई थी।
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मई माह में किशोरी ने किशोरी सदन की अधीक्षिका को बताया कि पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। अधीक्षिका ने इस संबंध में बाल कल्याण समिति को अवगत कराया। बाल कल्याण समिति ने एसडीएम भनोली को जानकारी दी। किशोरी की ओर से राजस्व उप निरीक्षक पनुवानौला के यहां प्राथमिकी दर्ज हुई। बाद में मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हुआ।
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पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ विशेष सत्र न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी, निर्भया प्रकोष्ठ की वरिष्ठ अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने गवाह पेश किए और प्रभावी पैरवी की। न्यायालय में आरोपी पिता पर धारा 376 और पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध हुआ है। न्यायालय इस मामले में अगली तारीख को फैसला सुनाएगा।