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Almora News: बुजुर्ग को पांच दिन डिजिटल अरेस्ट कर लाखों ठगने वाले दो आरोपी मध्य प्रदेश से गिरफ्तार
Thu, 24 Apr 2025 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 24 Apr 2025 11:28 PM IST
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के एक बुजुर्ग को पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर सात लाख से अधिक की ठगी करने के मामले में पुलिस और साइबर टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो आरोपियों को खरगौन (मध्य प्रदेश) से गिरफ्तार किया है। मध्य प्रदेश निवासी संतोष गुर्जर और कपिल सोनी ने फर्जी सीबीआई ऑफिसर बन बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग केस में संलिप्त बताकर ठगी को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों ठगों को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी देवेंद्र पींचा ने बृहस्पतिवार को पुलिस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लमगड़ा क्षेत्र निवासी जीवन सिंह मेहता ने 21 फरवरी को तहरीर दी। बताया कि अज्ञात ठगों ने 13 जनवरी 25 से 17 जनवरी तक डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग केस में संलिप्त होने का डर दिखाकर उनसे 7.20 लाख रुपये हड़प लिए हैं। लमगड़ा थाने में केस दर्ज किया। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम का गठन किया। साइबर ठगी के गिरोह को दबोचने के लिए कार्रवाई शुरु की। लमगड़ा थानाध्यक्ष राहुल राठी और एसओजी प्रभारी भुवन जोशी के नेतृत्व में गठित थाना लमगड़ा और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने सुरागरसी की।। साइबर सेल प्रभारी कुमकुम धानिक के नेतृत्व में साइबर टीम ने गिरोह के बारे में आवश्यक जानकारी जुटाई गई। दोनों टीमों के संयुक्त प्रयास से 21 अप्रैल को बुजुर्ग व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करने वाले गिरोह के संतोष गुर्जर (31) निवासी बावड़ीखेड़ा, थाना बडवाह जिला खरगौन, मध्य प्रदेश, कपिल सोनी ( 49) निवासी 611 क आचार्य विनोबा भावे वार्ड-15 थाना व जिला खरगौन, मध्य प्रदेश को 1200 किमी दूर खरगौन, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दोनों ठगों को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी ने पुलिस टीम को दस हजार का दिया इनाम
अल्मोड़ा। एसएसपी देवेंद्र पींचा ने पुलिस टीम को 10,000 रुपये के नकद इनाम से पुरस्कृत किया। पुलिस टीम में लमगड़ा थाना अंतर्गत जैंती चौकी प्रभारी दिनेश परिहार, एसओजी अल्मोड़ा कांस्टेबल परवेज अली के अलावा साइबर टीम अल्मोड़ा शामिल हैं।
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ऐसे किया था डिजिटल अरेस्ट
अल्मोड़ा। 13 जनवरी को लमगड़ा क्षेत्र के बुजुर्ग जीवन सिंह मेहता को एक अज्ञात वीडियो कॉल आई। कॉलर ने सीबीआई ऑफिसर बनकर बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग केस के खाते में उनका आधार पैन कार्ड लगा होने और संलिप्तता का डर दिखाया। बताया कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है। बुजुर्ग को डरा-धमकाकर लगातार वीडियो कॉल पर पर जुड़े रहने को कहा। इसके बारे में परिवार में किसी को भी या अन्य को नहीं बताने को कहा। फर्जी अधिकारी ने कहा कि उनका एकाउंट वैरिफाई करना है। कुछ पैसा जो खाते हम बताते हैं उनमें डालें। आपका वैरिफिकेशन किया जा रहा है जो आपको बाद में वापस हो जाएगा। आप हमारे साथ कॉपरेट करें अन्यथा आपको गिरफ्तार किया जाएगा। एनकाउंटर भी हो सकता है। यह बहुत बड़ा मामला है। धमकी मिलने पर बुजुर्ग ने तीन किस्तों में 7,20,000 रुपये साइबर ठगों के बताए गए खातों में भेजे।
ऐसे हुआ साइबर ठगी का अहसास
अल्मोड़ा। जब बुजुर्ग ने और अधिक रुपये न होने पर असमर्थता जताई तो साइबर ठगों ने कहा कि कोई बात नहीं हम जांच कर रहे है। फिर आपके पैसे वापस आ जाएंगे। काफी दिनों बाद पैसे वापस नहीं आए। संपर्क करने पर ठगों के संपर्क नंबर ऑफ आ रहे थे। करीब एक माह बाद 21 फरवरी 2025 को वादी जीवन सिंह मेहता ने लमगड़ा थाने में तहरीर दी। इस पर थाना लमगड़ा में धारा 318(4)/61(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।
1200 किमी दूर बैठकर ठगों ने बुजुर्ग को बनाया साइबर ठगी का शिकार
अल्मोड़ा। साइबर ठगों का बढ़ता मकड़जाल नासूर बनता जा रहा है। साइबर ठग नए-नए तरीकों से भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ठग लुभावने, मुनाफे का ऑफर देकर लोगों की वर्षों की कमाई पर सेंध लगा रहे हैं।
पहाड़ में पलायन के चलते कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं। साइबर ठग लोगों को लुभावने ऑफर देकर और बच्चों चोर गिरोह, बैंक धोखाधड़ी का आरोपी बताकर धमकाते हैं। उन्हें डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाते हैं। फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर अल्मोड़ा के एक बुजुर्ग को पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर सात लाख से अधिक की ठगी को अंजाम देने वाले संतोष गुर्जर और कपिल सोनी काफी शातिर किस्म के हैं। 1200 किमी दूर मध्य प्रदेश के खरगौन में बैठकर उन्होंने अल्मोड़ा के एक बुजुर्ग को साइबर ठगी का शिकार बनाया। पुलिस साइबर ठगी गिरोह की चेन के बारे में पता लगाकर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह के अन्य संलिप्तों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर ठगी गिरोह की चेन का पता लगाकर गिरफ्तार करने के प्रयास जारी है।
पहाड़ में बढ़ रहे हैं साइबर ठगी के मामले
अल्मोड़ा। नगर को पोखरखाली निवासी पूरन चंद्र जोशी (80) को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने उनसे और उनकी बहन से 65 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए पूरन चंद्र जोशी से कहा कि उनकी आईडी बच्चों का अपहरण करने वाले गिरोह से जुड़ी हुई है। बहन के बारे में भी पूरी जानकारी लेकर उनके बच्चों को भी जेल भेजने की धमकी देकर अलग-अलग किस्तों 65 लाख की रकम ऐंठ ली। जबकि इससे पहले रानीखेत की एक शिक्षिका को भी साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का शिकार बनाया था।
इस तरह से हो रही साइबर ठगी
- कुरियर में ड्रग्स होने की बात कहकर
- डिजिटल अरेस्ट
- परिचित बनकर
- फर्जी मुकदमे में फंसाने का डर
- आवाज बदलकर ठगी
- बैंकिंग व वित्तीय ठगी
- निवेश के नाम पर ठगी
- पार्सल के नाम पर
ऐसे करें बचाव
-इन दिनों साइबर ठग व्हाट्सएप पर फोन कर परिचित के खिलाफ केस दर्ज करने की धमकी देते हैं। यदि इस तरह से कोई फोन आता है तो संबंधित से पहले बात कर लें
-पार्सल के नाम पर यदि कोई फोन करता है तो यह समझ लें कि यदि आपने कोई पार्सल नहीं मंगाया तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। यदि फोन उठा लिया और व्यक्ति धमकाता है तो नजदीकी पुलिस थाने में इसकी शिकायत करें।
-निवेश के नाम पर यदि कोई फोन करता है तो इसकी सत्यता अच्छी तरह से जांच लें।
-इन दिनों साइबर ठग व्हाट्सएप पर फोन कर परिचित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हैं। इसकी जांच कर लें।
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एसएसपी देवेंद्र पींचा ने बृहस्पतिवार को पुलिस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लमगड़ा क्षेत्र निवासी जीवन सिंह मेहता ने 21 फरवरी को तहरीर दी। बताया कि अज्ञात ठगों ने 13 जनवरी 25 से 17 जनवरी तक डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग केस में संलिप्त होने का डर दिखाकर उनसे 7.20 लाख रुपये हड़प लिए हैं। लमगड़ा थाने में केस दर्ज किया। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम का गठन किया। साइबर ठगी के गिरोह को दबोचने के लिए कार्रवाई शुरु की। लमगड़ा थानाध्यक्ष राहुल राठी और एसओजी प्रभारी भुवन जोशी के नेतृत्व में गठित थाना लमगड़ा और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने सुरागरसी की।। साइबर सेल प्रभारी कुमकुम धानिक के नेतृत्व में साइबर टीम ने गिरोह के बारे में आवश्यक जानकारी जुटाई गई। दोनों टीमों के संयुक्त प्रयास से 21 अप्रैल को बुजुर्ग व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करने वाले गिरोह के संतोष गुर्जर (31) निवासी बावड़ीखेड़ा, थाना बडवाह जिला खरगौन, मध्य प्रदेश, कपिल सोनी ( 49) निवासी 611 क आचार्य विनोबा भावे वार्ड-15 थाना व जिला खरगौन, मध्य प्रदेश को 1200 किमी दूर खरगौन, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दोनों ठगों को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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एसएसपी ने पुलिस टीम को दस हजार का दिया इनाम
अल्मोड़ा। एसएसपी देवेंद्र पींचा ने पुलिस टीम को 10,000 रुपये के नकद इनाम से पुरस्कृत किया। पुलिस टीम में लमगड़ा थाना अंतर्गत जैंती चौकी प्रभारी दिनेश परिहार, एसओजी अल्मोड़ा कांस्टेबल परवेज अली के अलावा साइबर टीम अल्मोड़ा शामिल हैं।
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ऐसे किया था डिजिटल अरेस्ट
अल्मोड़ा। 13 जनवरी को लमगड़ा क्षेत्र के बुजुर्ग जीवन सिंह मेहता को एक अज्ञात वीडियो कॉल आई। कॉलर ने सीबीआई ऑफिसर बनकर बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग केस के खाते में उनका आधार पैन कार्ड लगा होने और संलिप्तता का डर दिखाया। बताया कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है। बुजुर्ग को डरा-धमकाकर लगातार वीडियो कॉल पर पर जुड़े रहने को कहा। इसके बारे में परिवार में किसी को भी या अन्य को नहीं बताने को कहा। फर्जी अधिकारी ने कहा कि उनका एकाउंट वैरिफाई करना है। कुछ पैसा जो खाते हम बताते हैं उनमें डालें। आपका वैरिफिकेशन किया जा रहा है जो आपको बाद में वापस हो जाएगा। आप हमारे साथ कॉपरेट करें अन्यथा आपको गिरफ्तार किया जाएगा। एनकाउंटर भी हो सकता है। यह बहुत बड़ा मामला है। धमकी मिलने पर बुजुर्ग ने तीन किस्तों में 7,20,000 रुपये साइबर ठगों के बताए गए खातों में भेजे।
ऐसे हुआ साइबर ठगी का अहसास
अल्मोड़ा। जब बुजुर्ग ने और अधिक रुपये न होने पर असमर्थता जताई तो साइबर ठगों ने कहा कि कोई बात नहीं हम जांच कर रहे है। फिर आपके पैसे वापस आ जाएंगे। काफी दिनों बाद पैसे वापस नहीं आए। संपर्क करने पर ठगों के संपर्क नंबर ऑफ आ रहे थे। करीब एक माह बाद 21 फरवरी 2025 को वादी जीवन सिंह मेहता ने लमगड़ा थाने में तहरीर दी। इस पर थाना लमगड़ा में धारा 318(4)/61(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।
1200 किमी दूर बैठकर ठगों ने बुजुर्ग को बनाया साइबर ठगी का शिकार
अल्मोड़ा। साइबर ठगों का बढ़ता मकड़जाल नासूर बनता जा रहा है। साइबर ठग नए-नए तरीकों से भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ठग लुभावने, मुनाफे का ऑफर देकर लोगों की वर्षों की कमाई पर सेंध लगा रहे हैं।
पहाड़ में पलायन के चलते कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं। साइबर ठग लोगों को लुभावने ऑफर देकर और बच्चों चोर गिरोह, बैंक धोखाधड़ी का आरोपी बताकर धमकाते हैं। उन्हें डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाते हैं। फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर अल्मोड़ा के एक बुजुर्ग को पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर सात लाख से अधिक की ठगी को अंजाम देने वाले संतोष गुर्जर और कपिल सोनी काफी शातिर किस्म के हैं। 1200 किमी दूर मध्य प्रदेश के खरगौन में बैठकर उन्होंने अल्मोड़ा के एक बुजुर्ग को साइबर ठगी का शिकार बनाया। पुलिस साइबर ठगी गिरोह की चेन के बारे में पता लगाकर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह के अन्य संलिप्तों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर ठगी गिरोह की चेन का पता लगाकर गिरफ्तार करने के प्रयास जारी है।
पहाड़ में बढ़ रहे हैं साइबर ठगी के मामले
अल्मोड़ा। नगर को पोखरखाली निवासी पूरन चंद्र जोशी (80) को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने उनसे और उनकी बहन से 65 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए पूरन चंद्र जोशी से कहा कि उनकी आईडी बच्चों का अपहरण करने वाले गिरोह से जुड़ी हुई है। बहन के बारे में भी पूरी जानकारी लेकर उनके बच्चों को भी जेल भेजने की धमकी देकर अलग-अलग किस्तों 65 लाख की रकम ऐंठ ली। जबकि इससे पहले रानीखेत की एक शिक्षिका को भी साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का शिकार बनाया था।
इस तरह से हो रही साइबर ठगी
- कुरियर में ड्रग्स होने की बात कहकर
- डिजिटल अरेस्ट
- परिचित बनकर
- फर्जी मुकदमे में फंसाने का डर
- आवाज बदलकर ठगी
- बैंकिंग व वित्तीय ठगी
- निवेश के नाम पर ठगी
- पार्सल के नाम पर
ऐसे करें बचाव
-इन दिनों साइबर ठग व्हाट्सएप पर फोन कर परिचित के खिलाफ केस दर्ज करने की धमकी देते हैं। यदि इस तरह से कोई फोन आता है तो संबंधित से पहले बात कर लें
-पार्सल के नाम पर यदि कोई फोन करता है तो यह समझ लें कि यदि आपने कोई पार्सल नहीं मंगाया तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। यदि फोन उठा लिया और व्यक्ति धमकाता है तो नजदीकी पुलिस थाने में इसकी शिकायत करें।
-निवेश के नाम पर यदि कोई फोन करता है तो इसकी सत्यता अच्छी तरह से जांच लें।
-इन दिनों साइबर ठग व्हाट्सएप पर फोन कर परिचित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हैं। इसकी जांच कर लें।