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अल्मोड़ा में स्वच्छ भारत अभियान के खोखले दावों की पोल खोल रहे हैं सार्वजनिक शौचालय
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अल्मोड़ा के जिला अस्पताल में इस तरह गंदगी से पटा है शौचालय। संवाद
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। स्वच्छ भारत अभियान के दावों की हकीकत में कितना दम है इसे अल्मोड़ा नगर में देखा जाना चाहिए। अस्पतालों से लेकर नगर के सार्वजनिक शौचालयों तक में गंदगी का अंबार इसकी एक बानगी है। संवाद न्यूज एजेंसी ने विश्व शौचालय दिवस के बहाने इसकी पड़ताल की तो जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और नगर के सार्वजनिक शौचालयों में सफाई नहीं मिली।
सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में नगर व अस्पतालों में लोगों व मरीजों को राहत देने के उद्देश्य से शौचालयों का निर्माण किया गया है लेकिन ये शौचालय लोगों को राहत कम दर्द अधिक दे रहे हैं। जिला महिला अस्पताल व जिला अस्पताल में शौचालयों की स्थिति बेहद दयनीय है। शौचालयों के फर्श से लेकर दीवारें गंदगी से पटी हैं। नालियां चोक होने से इनसे उठने वाली दुर्गंध से मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
नगर के चौक बाजार में लोहे का शेर के समीप स्थित सार्वजनिक शौचालय की बुरी स्थिति है। गंदगी से पटी इस शौचालय की दीवारें स्वच्छता अभियान के दावों को खोखला साबित कर रही हैं। गंदगी से यहां बने महिला शौचालय में महिलाओं का घुसना भी मुश्किल हो गया है। चौघानपाटा, जीआईसी जीआईसी स्कूल को जाने वाले रास्ते में स्थित शौचालयों की भी यही स्थिति है।
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रोडवेज बस स्टेशन में नहीं है महिला शौचालय
अल्मोड़ा। रोडवेज बस स्टेशन में हर रोज बढ़ी संख्या में लोग आवाजाही के लिए पहुंचते हैं। इनमें महिलाओं की संख्या भी खासी रहती है। बावजूद इसके यहां महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है। लापरवाही के चलते महिलाओं को स्टेशन के दूर अन्य शौचालयों का रुख करना पड़ रहा है लेकिन उनकी परेशानी किसी को नहीं दिख रही। वहीं, पुरुषों के लिए बने शौचालय से उठने वाली दुर्गंध यहां पहुंचे लोगों को परेशान करती है।
क्या कहते हैं लोग
देश में स्वच्छता अभियान चल रहा है लेकिन सार्वजनिक शौचालयों की गंदगी प्रशासन को नहीं दिखती। सफाई बेहतर होगी तो बीमारियों पर रोक लगेेगी। गंदगी से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
दीवान सिंह, अल्मोड़ा
नगर के अधिकतर शौचालयों में गंदगी का अंबार है। शौचालय में बीड़ी-सिगरेट आदि के खाली रैपर पड़े रहते हैं, जिससे नालियां चोक होती हैं। लोगों को भी जिम्मेदारी के साथ कूड़ा डस्टबिन में ही डालना चाहिए।
संतोष बिष्ट, अल्मोड़ा
नगर के महिला शौचालयों की हालत अच्छी नहीं है। गंदगी होने से महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। महिला शौचालय एक तो कम ऊपर से गंदगी से पटे हुए हैं। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
पुष्पा बिष्ट, अल्मोड़ा
कोट
शौचालयों की सफाई के लिए पर्यावरण मित्रों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इन्हें स्वच्छ रखने में सहयोग देना चाहिए। लोगों से अपील है कि वे शौचालयों को गंदा न करें और दीवारों पर न थूकें।
भरत त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका, अल्मोड़ा
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सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में नगर व अस्पतालों में लोगों व मरीजों को राहत देने के उद्देश्य से शौचालयों का निर्माण किया गया है लेकिन ये शौचालय लोगों को राहत कम दर्द अधिक दे रहे हैं। जिला महिला अस्पताल व जिला अस्पताल में शौचालयों की स्थिति बेहद दयनीय है। शौचालयों के फर्श से लेकर दीवारें गंदगी से पटी हैं। नालियां चोक होने से इनसे उठने वाली दुर्गंध से मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
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नगर के चौक बाजार में लोहे का शेर के समीप स्थित सार्वजनिक शौचालय की बुरी स्थिति है। गंदगी से पटी इस शौचालय की दीवारें स्वच्छता अभियान के दावों को खोखला साबित कर रही हैं। गंदगी से यहां बने महिला शौचालय में महिलाओं का घुसना भी मुश्किल हो गया है। चौघानपाटा, जीआईसी जीआईसी स्कूल को जाने वाले रास्ते में स्थित शौचालयों की भी यही स्थिति है।
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रोडवेज बस स्टेशन में नहीं है महिला शौचालय
अल्मोड़ा। रोडवेज बस स्टेशन में हर रोज बढ़ी संख्या में लोग आवाजाही के लिए पहुंचते हैं। इनमें महिलाओं की संख्या भी खासी रहती है। बावजूद इसके यहां महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है। लापरवाही के चलते महिलाओं को स्टेशन के दूर अन्य शौचालयों का रुख करना पड़ रहा है लेकिन उनकी परेशानी किसी को नहीं दिख रही। वहीं, पुरुषों के लिए बने शौचालय से उठने वाली दुर्गंध यहां पहुंचे लोगों को परेशान करती है।
क्या कहते हैं लोग
देश में स्वच्छता अभियान चल रहा है लेकिन सार्वजनिक शौचालयों की गंदगी प्रशासन को नहीं दिखती। सफाई बेहतर होगी तो बीमारियों पर रोक लगेेगी। गंदगी से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
दीवान सिंह, अल्मोड़ा
नगर के अधिकतर शौचालयों में गंदगी का अंबार है। शौचालय में बीड़ी-सिगरेट आदि के खाली रैपर पड़े रहते हैं, जिससे नालियां चोक होती हैं। लोगों को भी जिम्मेदारी के साथ कूड़ा डस्टबिन में ही डालना चाहिए।
संतोष बिष्ट, अल्मोड़ा
नगर के महिला शौचालयों की हालत अच्छी नहीं है। गंदगी होने से महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। महिला शौचालय एक तो कम ऊपर से गंदगी से पटे हुए हैं। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
पुष्पा बिष्ट, अल्मोड़ा
कोट
शौचालयों की सफाई के लिए पर्यावरण मित्रों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इन्हें स्वच्छ रखने में सहयोग देना चाहिए। लोगों से अपील है कि वे शौचालयों को गंदा न करें और दीवारों पर न थूकें।
भरत त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका, अल्मोड़ा

रोडवेज बस स्टेशन अल्मोड़ा का शौचालय। संवाद- फोटो : ALMORA