{"_id":"5a4281c84f1c1bb34a8b88b1","slug":"chowna-village-under-threat-from-dwarasun-kakrighat-road-under-construction","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्माणाधीन द्वारसौं-काकड़ीघाट सड़क से चौना गांव को खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्माणाधीन द्वारसौं-काकड़ीघाट सड़क से चौना गांव को खतरा
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Tue, 26 Dec 2017 10:37 PM IST
विज्ञापन
इस तरह से हो रहा है भू स्खलन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्माणाधीन द्वारसौं-काकड़ीघाट मोटर मार्ग से चौना गांव को खतरा बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद विभाग की आंखें नहीं खुल रही हैं। यह गांव जिस स्थान से सड़क कट रही है उसके ठीक ऊपर बसा हुआ है, सड़क कटान के चलते इस स्थान पर भारी मात्रा में भूधंसाव हो रहा है, आशंकाओं के चलते ग्रामीण परेशान हैं, जबकि भूगर्भीय सर्वे में भी संभावित भूस्खलन की पुष्टि की गई थी। स्थानीय नागरिकों ने विभाग सहित तमाम जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
मोटर मार्ग की कटिंग के चलते चौना गांव के ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता विशन सिंह कनवाल ने बताया कि चौना गांव जिस स्थान से सड़क कट रही है, उसके ठीक ऊपर बसा है। कटिंग के चलते वहां निरंतर भूस्खलन हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में कभी भी यहां भारी भूस्खलन हो सकता है और गांव को खतरा हो सकता है।
विज्ञापन
इसी मसले को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को सूचना दी गई, लेकिन आज तक सार्थक कार्रवाई नहीं हुई है। पूर्व में पीएमजीएसवाई के अधिशासी अधिकारी भी इस स्थान का निरीक्षण कर चुके हैं, भूगर्भीय सर्वेक्षण में भी संभावित भूस्खलन की पुष्टि की गई है, इसके बाद भी शासन-प्रशासन की तंद्रा नहीं टूट पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को समय रहते इस संबंध में सार्थक कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो ग्रामीण आंदोलन शुरू कर देंगे।
विज्ञापन
हां सड़क कटान के कारण चौना गांव को खतरा बना है। वहां भूधंसाव हो रहा है। भूगर्भीय सर्वेक्षण के बाद सुरक्षात्मक कार्यों के सुझाव मिले हैं, इसी के अनुसार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। भू धंसाव रोकने के पूरे प्रयास होंगे, ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है।
केसी आर्या, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई, अल्मोड़ा खंड।