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Almora News: ऐपण कला में निपुण होकर जिले की महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
Sun, 08 Feb 2026 11:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:50 PM IST
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अल्मोड़ा। कुमाऊंनी लोक कला ऐपण को संरक्षित करने के लिए जिले के महिलाओं को पारंपरिक ऐपण कला की बारिकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला उद्योग केंद्र ओर से संचालित प्रशिक्षण का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को पारंपरिक ऐपण कला से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
इन महिलाओं को एनआईएफटी नई दिल्ली और आईआईअी हैदराबाद से डिजाइन में पीजी कर चुकी डिजाइनर विदुषी भारद्वाज ऐपण की तकनीकों की कला सीखा रही हैं। जबकि राज्य पुरस्कार प्राप्त मास्टर ट्रेनर नमिता तिवारी उन्हें पारंपरिक ऐपण की मूल शैली, प्रतीकात्मकता और विधियों की बाराीकियां बता रही हैं। डिजाइनर विदुषी ने बताया कि भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय की ओर से संचालित (सीएचसीडीए) योजना के तहत अनुसूचित जाति 20 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। विदुषी बीते पांच वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में 100 से अधिक महिलाओं को हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प देश को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
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इन महिलाओं को एनआईएफटी नई दिल्ली और आईआईअी हैदराबाद से डिजाइन में पीजी कर चुकी डिजाइनर विदुषी भारद्वाज ऐपण की तकनीकों की कला सीखा रही हैं। जबकि राज्य पुरस्कार प्राप्त मास्टर ट्रेनर नमिता तिवारी उन्हें पारंपरिक ऐपण की मूल शैली, प्रतीकात्मकता और विधियों की बाराीकियां बता रही हैं। डिजाइनर विदुषी ने बताया कि भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय की ओर से संचालित (सीएचसीडीए) योजना के तहत अनुसूचित जाति 20 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। विदुषी बीते पांच वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में 100 से अधिक महिलाओं को हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प देश को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
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