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जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता बजट : कांग्रेस
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड बजट 2026-27 पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने कहा कि विधानसभा में प्रदेश सरकार ने 1.11 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। सरकार इसे विकासोन्मुखी और ऐतिहासिक बजट बता रही है लेकिन वास्तविकता यह है कि यह बजट प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। बजट अधिक घोषणाओं और कम ठोस योजनाओं वाला प्रतीत होता है।
कांग्रेस के नगर महामंत्री वैभव पांडे ने कहा कि उत्तराखंड के लाखों युवा रोजगार के अभाव में प्रदेश छोड़ने को मजबूर हैं लेकिन इस बजट में युवाओं को स्थायी रोजगार देने के लिए कोई स्पष्ट और प्रभावी नीति दिखाई नहीं देती। कृषि, बागवानी, लघु उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्र उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं लेकिन इन क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए अपेक्षित स्तर पर बजट प्रावधान नहीं किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था जैसी मूलभूत समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। नगर निकायों को मजबूत करने और शहरों की आधारभूत सुविधाओं को सुधारने के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं दिखाई देता है।
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यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में पूरी तरह असफल साबित हुआ है। बजट में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। प्रदेश की युवा पीढ़ी रोजगार के लिए दर-दर भटक रही है लेकिन सरकार के बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट योजना दिखाई नहीं देती। इसी प्रकार किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए भी बजट में राहत देने वाले कदमों का अभाव है। - भूपेंद्र सिंह भोज, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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कांग्रेस के नगर महामंत्री वैभव पांडे ने कहा कि उत्तराखंड के लाखों युवा रोजगार के अभाव में प्रदेश छोड़ने को मजबूर हैं लेकिन इस बजट में युवाओं को स्थायी रोजगार देने के लिए कोई स्पष्ट और प्रभावी नीति दिखाई नहीं देती। कृषि, बागवानी, लघु उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्र उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं लेकिन इन क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए अपेक्षित स्तर पर बजट प्रावधान नहीं किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था जैसी मूलभूत समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। नगर निकायों को मजबूत करने और शहरों की आधारभूत सुविधाओं को सुधारने के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं दिखाई देता है।
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यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में पूरी तरह असफल साबित हुआ है। बजट में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। प्रदेश की युवा पीढ़ी रोजगार के लिए दर-दर भटक रही है लेकिन सरकार के बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट योजना दिखाई नहीं देती। इसी प्रकार किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए भी बजट में राहत देने वाले कदमों का अभाव है। - भूपेंद्र सिंह भोज, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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