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Almora News: छुट्टी के बाद खुले अस्पताल, डॉक्टर न मिलने से मरीज परेशान
Sun, 06 Sep 2026 12:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:18 AM IST
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जिला अस्पताल अल्मोड़ा में इंतजार करते मरीज। संवाद
अल्मोड़ा। छुट्टी के बाद खुले सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन डॉक्टरों की कमी ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। जिला अस्पताल में तीन प्रमुख डॉक्टरों के न होने से मरीजों को भटकना पड़ा। सबसे ज्यादा मार चर्म (स्किन) और दंत रोगियों पर पड़ी, जिन्हें मजबूरन निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ा। इससे उन्हें आर्थिक चपत लगी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवकाश के चलते शुक्रवार को सरकारी अस्पताल बंद रहे थे। शनिवार सुबह जैसे ही अस्पताल खुले, लमगड़ा, धौलादेवी, हवालबाग, भैसियाछाना और ताकुला समेत दूर-दराज के विकासखंडों से मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। ओपीडी में 600 से अधिक मरीज पंजीकरण कराकर डॉक्टरों का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नमन लोहनी और दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके मर्तोलिया अवकाश पर चल रहे थे, जबकि दूसरे दंत चिकित्सक डॉ. जगदीश को नागरिक अस्पताल रानीखेत ड्यूटी पर भेजा गया था।
बेस अस्पताल में भी कोई चर्म रोग विशेषज्ञ तैनात न होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। सरकारी व्यवस्था ठप देख मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ा। खराब मौसम के चलते अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। पीएमएस डॉ. एचसी गड़कोटी ने बताया कि चिकित्सक अवकाश से शीघ्र ड्यूटी पर लौटेंगे। बदलते मौसम में खान-पान पर ध्यान दें।
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मरीज बोले
चर्म रोग का उपचार कराने अस्पताल आया। यहां आकर मालूम हुआ कि चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। बेस में भी चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से निजी क्लीनिकों में उपचार कराना पड़ा। इससे दिक्कतें हुईं। -रोशन कुमार, अल्मोड़ा
खुजली से परेशान हूं। उपचार कराने आया था लेकिन जिला और बेस दोनों जगह चर्म रोग विशेषज्ञ के न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब दोबारा उपचार के लिए आना पड़ेगा। -सत्यवीर सिंह, अल्मोड़ा
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवकाश के चलते शुक्रवार को सरकारी अस्पताल बंद रहे थे। शनिवार सुबह जैसे ही अस्पताल खुले, लमगड़ा, धौलादेवी, हवालबाग, भैसियाछाना और ताकुला समेत दूर-दराज के विकासखंडों से मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। ओपीडी में 600 से अधिक मरीज पंजीकरण कराकर डॉक्टरों का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नमन लोहनी और दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके मर्तोलिया अवकाश पर चल रहे थे, जबकि दूसरे दंत चिकित्सक डॉ. जगदीश को नागरिक अस्पताल रानीखेत ड्यूटी पर भेजा गया था।
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बेस अस्पताल में भी कोई चर्म रोग विशेषज्ञ तैनात न होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। सरकारी व्यवस्था ठप देख मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ा। खराब मौसम के चलते अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। पीएमएस डॉ. एचसी गड़कोटी ने बताया कि चिकित्सक अवकाश से शीघ्र ड्यूटी पर लौटेंगे। बदलते मौसम में खान-पान पर ध्यान दें।
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मरीज बोले
चर्म रोग का उपचार कराने अस्पताल आया। यहां आकर मालूम हुआ कि चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। बेस में भी चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से निजी क्लीनिकों में उपचार कराना पड़ा। इससे दिक्कतें हुईं। -रोशन कुमार, अल्मोड़ा
खुजली से परेशान हूं। उपचार कराने आया था लेकिन जिला और बेस दोनों जगह चर्म रोग विशेषज्ञ के न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब दोबारा उपचार के लिए आना पड़ेगा। -सत्यवीर सिंह, अल्मोड़ा