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बीएसएनएल बेबस, 100 गांवों की ‘हेलो’ होगी बंद 

Thu, 21 Dec 2017 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा। Updated Thu, 21 Dec 2017 11:17 PM IST
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BSNL will be absent, 'hello' of 100 villages will be closed
पत्रकारों से वार्ता करते बीएसएनएल के जीएम । - फोटो : अमर उजाला

बीएसएनएल इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इसे देखते हुए प्रबंधन ने उच्च स्तर से निगम के खर्चों में करीब 25 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है। बीटीएस (मोबाइल टावर) संचालन के लिए मिलने वाली बिजली और डीजल आदि का बजट भी कम कर दिया गया है। इसे देखते हुए अल्मोड़ा एसएसए के अंतर्गत चार जिलों में घाटे वाले 30 बीटीएस बंद करने का फैसला कर लिया है। इससे करीब 100 से अधिक गांवों में बीएसएनएल की मोबाइल सेवा समाप्त हो जाएगी। दूसरी तरफ लाभ की दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाकों में क्षमता बढ़ाने और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए अगले साल जून तक 70 थ्री-जी बीटीएस लगाए जाएंगे। कई टू-जी बीटीएस को थ्री-जी में बदलने का कार्य भी प्रगति पर है। 

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बृहस्पतिवार को बीएसएनएल के महाप्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पिछले कुछ महीनों में प्रतिस्पर्धा के चलते दूरसंचार कंपनियों की आय में कमी आई है। बीएसएनएल भी वित्तीय संकटों से जूझ रहा है। इसे देखते हुए प्रबंधन ने बिजली बिल के अलावा डीजल और सुरक्षा खर्चों में भारी कटौती कर दी है। 
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बताया कि एसएसए क्षेत्र के अंतर्गत अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिलों में 30 बीटीएस ऐसे हैं, जहां बेहद कम ट्रैफिक के कारण 10 हजार रुपये से भी कम आय है, जबकि सभी मदों को मिलाकर एक बीटीएस के संचालन में करीब 20 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसे देखते हुए इन 30 टावरों को बंद करने का फैसला लिया जा रहा है। जीएम के मुताबिक इससे 60-70 गांवों में नेटवर्क प्रभावित होगा।
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हालांकि क्षेत्र से मिली जानकारी के मुताबिक इसका असर 100 से भी अधिक गांवों पर पड़ सकता है। इसके बाद इन गांवों में मोबाइल फोन चलाना संभव नहीं हो सकेगा। इनमें अधिकांश गांवों में किसी अन्य कंपनी का भी नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। महाप्रबंधक ने बताया कि खर्चे घटाने के लिए सुरक्षा गार्डों की संख्या भी घटाई जाएगी। 

उन्होंने यह भी बताया कि बीएसएनएल की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विकास के कई काम चल रहे हैं। एसएसए क्षेत्र में अभी तक टू-जी के सात और थ्री-जी के 29 टावर लगाए गए हैं। इसके अलावा टू-जी के दो और थ्री-जी के 19 नए टावर लगाने का काम प्रगति पर है। यह कार्य जनवरी 2018 तक पूरा कर लिया जाएगा।

इसके अलावा भविष्य में 12 से 15 साल पुराने बीटीएस उपकरणों के स्थान पर नए उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक डाटा स्पीड का लाभ मिलेगा। ताड़ीखेत, मछोड़, कौसानी, कसारदेवी, बेरीनाग, कपकोट, बैजनाथ और बाराकोट में वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाए जा चुके हैं। 25 अन्य ग्रामीण दूरभाष केंद्रों में जनवरी 2018 तक वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाए जाने की योजना है। इससे उपभोक्ताओं को 4.5 जीबी प्रतिमाह निशुल्क डाटा मिलेगा।


महाप्रबंधक ने कहा कि बीएसएनएल बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास करता है, लेकिन क्षेत्र में कई इलाकों में विभिन्न कंपनियों की ओएफसी डालने का काम चल रहा है, जिससे बार-बार केबल काट दी जाती है। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतें हो रही हैं। इस बारे में प्रशासन के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।

 

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