{"_id":"5b6dd4574f1c1b54208b806d","slug":"bio-fuel-can-be-an-alternative-to-energy-needs","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊर्जा की जरूरतों का विकल्प बन सकता है बायो-फ्यूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊर्जा की जरूरतों का विकल्प बन सकता है बायो-फ्यूल
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:37 PM IST
विज्ञापन
विद्यार्थियों को जानकारी देते सेवानिवृत प्रो. रमेश चंद्र गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड आवासीय विश्वविद्यालय पांडेखोला अल्मोड़ा में विश्व बायो फ्यूल दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विश्व में जीवाश्म ईधन के धीरे-धीरे कम होने से ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करना एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही है। उन्होंने समस्या का समाधान बायो-फ्यूल द्वारा हल करने की कोशिश पर जोर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर से सेवानिवृत्त प्रो. रमेश चंद्र गुप्ता ने आधुनिक युग में बायो-फ्यूल की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बायो-फ्यूल एक सशक्त विकल्प के तौर पर काम आ सकता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कुल सचिव डॉ. विपिन चंद्र जोशी ने छात्र-छात्राओं से नए शोध करने का आह्वान किया ताकि अवशिष्ट पदार्थों से बायो-फ्यूल का उत्पादन कर सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में विगत एक वर्ष से बायो-फ्यूल में बीएससी कोर्स चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में कमल जोशी, ईश्वर सिंह बिष्ट, संजय तिवारी, किशन सिंह बिष्ट, विनीत कांडपाल, दीपक पांडे, अनिवेश जोशी, बीना सिजवाली, विनीता लटवाल तथा विश्वविद्यालय के कई कर्मचारी मौजूद थे।
विज्ञापन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर से सेवानिवृत्त प्रो. रमेश चंद्र गुप्ता ने आधुनिक युग में बायो-फ्यूल की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बायो-फ्यूल एक सशक्त विकल्प के तौर पर काम आ सकता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कुल सचिव डॉ. विपिन चंद्र जोशी ने छात्र-छात्राओं से नए शोध करने का आह्वान किया ताकि अवशिष्ट पदार्थों से बायो-फ्यूल का उत्पादन कर सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में विगत एक वर्ष से बायो-फ्यूल में बीएससी कोर्स चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में कमल जोशी, ईश्वर सिंह बिष्ट, संजय तिवारी, किशन सिंह बिष्ट, विनीत कांडपाल, दीपक पांडे, अनिवेश जोशी, बीना सिजवाली, विनीता लटवाल तथा विश्वविद्यालय के कई कर्मचारी मौजूद थे।
विज्ञापन