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Forest Fire: सात घंटे तक धधकते रहे जंगल, सूचना मिलने पर शादी समारोह छोड़कर फायर फाइटरों ने बुझाई आग

Thu, 20 Feb 2025 11:35 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 20 Feb 2025 11:35 AM IST
सार

भेटुली गांव के वन पंचायत के जंगल करीब सात घंटे तक धधकते रहे। सूचना मिलने पर गांव में ही चल रहे एक शादी समारोह को छोड़कर पहुंची फायर फाइटरों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है।

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Bhetuli forests kept burning for seven hours in almora
आग में घिरा वन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वनाग्नि काल के बीच मंगलवार को ताकुला ब्लॉक के भेटुली गांव के वन पंचायत के जंगल में आग लग गई। दोपहर करीब दो बजे से लगी आग काफी दूर तक फैल गई। करीब सात घंटे तक वन धधकते रहे। सूचना मिलने पर गांव में ही चल रहे एक शादी समारोह को छोड़कर पहुंची फायर फाइटरों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है।

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मंगलवार की दोपहर ताकुला ब्लॉक के भेटुली गांव के वन पंचायत में किसी अराजक तत्व ने आग लगा दी। हवा चलने पर आग तेजी से सुलगने लगी। जंगलों से धुआं उठते देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना हंस फाउंडेशन के फायर फाइटरों को दी। करीब सात घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। वहां पर फायर फाइटर चंपा भोज, देवकी देवी, दिनेश सिंह, रेखा देवी, मुन्नी देवी, लछिमा भोज, गोविंद सिंह, अर्जुन सिंह, आंनद सिंह, पान सिंह, जोगा सिंह आदि शामिल रहे।

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धुआं उठा लेकिन भनक किसी को नहीं लगी
जंगल की आग से निपटने के लिए भले ही प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पूरी तैयारी होने का दावा कर रहा है लेकिन हकीकत क्या है इसकी पोल प्रथम चरण में ही खुल गई है। मंगलवार को ताकुला के भैटुली गांव के पास सात घंटे तक जंगल धू-धू कर जलते रहे लेकिन पूरी तैयारी का दावा करने वाले अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। सवाल उठता है कि अगर बिनसर जैसी घटना हो गई तो फिर कैसे काबू पाया जाएगा।

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15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हो चुका है। तब से आज तक हर रोज कहीं न कहीं आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। अधिकारी लगातार दावा करते रहे कि वे इस बार आग से जंगलों को बचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 13 फरवरी को प्रदेश स्तरीय मॉकड्रिल का आयोजन भी किया गया था जिसमें सभी विभागों की मुस्तैदी जांची गई थी लेकिन यह तैयारी धरातल पर काम नहीं आई। जब आग से मुकाबला हुआ तो कोई भी तैयारी नहीं दिखी। मंगलवार को ताकुला के भेटुली गांव में करीब सात घंटे तक जंगल धू-धू कर जलते रहे। क्षेत्र के रेंजर केवल आधे घंटे में ही आग पर काबू पा लेने की बात कह रहे हैं तो जिलास्तर के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें तो इस बात की खबर ही नहीं दी गई। आग पर हंस फाउंडेशन के फायर फाइटर्स ने काबू पाया। 

भेटुली के पास आग लगने की सूचना मिली थी । जिस पर वन कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे और आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया था। - पीसी तिवारी, रेंजर, ताकुला

आग पर काबू पाने के लिए व्यवस्था पूरी तरह की गई है। ताकुला में आग लगने की कोई सूचना उन्हें नहीं दी गई।- दीपक सिंह प्रभागीय वन अधिकारी, अल्मोड़ा

बिनसर में मारे गए थे छह कर्मचारी
पिछले वर्ष 13 जून को बिनसर अभयारण्य में भीषण आग लग गई थी। जिसमें चार कर्मचारी मौके पर ही आग बुझाते हुए जिंदा जलकर मर गए थे। जबकि दो लोगों की उपचार के दौरान मौत हुई थी। इस घटना को देखते हुए प्रशासन इस बार विशेष सतर्कता बरतने के दावे कर रहा है।

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