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Almora News: चायखान-धारखोला मार्ग पर चार साल बाद भी नहीं हुआ डामरीकरण
Tue, 25 Apr 2023 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 25 Apr 2023 11:19 PM IST
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चायखान-धारखोला मोटर मार्ग।। संवाद
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लमगड़ा (अल्मोड़ा)। लमगड़ा विकासखंड में चायखान-धारखोला मार्ग पर चार साल बाद भी डामरीकरण नहीं हो सका है। धूल और बजरी से पटी सड़क पर आवाजाही में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क पर डामरीकरण का उनका इंतजार कब खत्म होगा यह कोई नहीं जानता।
वर्ष 2019 में बलिया, बैगनिया, खरसोड़ा, धारखोला, विशौद, अनुली, बिरौड़ा, कोकिला गांवों की 10 हजार से अधिक की आबादी को सड़क से जोड़ने के लिए नौ किमी लंबी चायखान-धारखोला सड़क का निर्माण किया गया था। चार साल बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में पत्थर और धूल से पटी सड़क पर लोग बमुश्किल आवाजाही कर रहे हैं।
सड़क निर्माण के बाद से हर साल डामरीकरण का प्रस्ताव शासन में भेजा जा रहा है लेकिन इसे स्वीकृति नहीं मिली है जिससे लोग मायूस हैं। ग्रामीणों ने कहा कि बदहाल सड़क पर चालक वाहन का संचालन नहीं कर रहे और उन्हें पैदल आवाजाही को मजबूर होना पड़ रहा है। कहा ऐसे में गांवों को सड़क से जोड़कर उनके विकास के सभी दावे फेल साबित हैं। संवाद
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लोग बोले
सड़क में डामरीकरण न होने से हम मुसीबत झेल रहे हैं। बारिश के दौरान सड़क में जल भराव होने से इस पर पैदल चलना भी मुश्किल होता है। - प्रेम प्रकाश जोशी, अनुली।
सड़क में जल्द डामरीकरण किया जाना चाहिए। किसी तरह पत्थर और धूल के बीच आवाजाही कर रहे हैं। न जाने डामरीकरण कब होगा। - राजेंद्र सिंह बिलवाल, बलिया।
चायखान-धारखोला मोटर मार्ग में डामरीकरण के लिए तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर डामरीकरण होगा। - जीएस मनराल, अपर सहायक अभियंता, लोनिवि, प्रांतीय खंड,अल्मोड़ा।
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वर्ष 2019 में बलिया, बैगनिया, खरसोड़ा, धारखोला, विशौद, अनुली, बिरौड़ा, कोकिला गांवों की 10 हजार से अधिक की आबादी को सड़क से जोड़ने के लिए नौ किमी लंबी चायखान-धारखोला सड़क का निर्माण किया गया था। चार साल बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में पत्थर और धूल से पटी सड़क पर लोग बमुश्किल आवाजाही कर रहे हैं।
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सड़क निर्माण के बाद से हर साल डामरीकरण का प्रस्ताव शासन में भेजा जा रहा है लेकिन इसे स्वीकृति नहीं मिली है जिससे लोग मायूस हैं। ग्रामीणों ने कहा कि बदहाल सड़क पर चालक वाहन का संचालन नहीं कर रहे और उन्हें पैदल आवाजाही को मजबूर होना पड़ रहा है। कहा ऐसे में गांवों को सड़क से जोड़कर उनके विकास के सभी दावे फेल साबित हैं। संवाद
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लोग बोले
सड़क में डामरीकरण न होने से हम मुसीबत झेल रहे हैं। बारिश के दौरान सड़क में जल भराव होने से इस पर पैदल चलना भी मुश्किल होता है। - प्रेम प्रकाश जोशी, अनुली।
सड़क में जल्द डामरीकरण किया जाना चाहिए। किसी तरह पत्थर और धूल के बीच आवाजाही कर रहे हैं। न जाने डामरीकरण कब होगा। - राजेंद्र सिंह बिलवाल, बलिया।
चायखान-धारखोला मोटर मार्ग में डामरीकरण के लिए तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर डामरीकरण होगा। - जीएस मनराल, अपर सहायक अभियंता, लोनिवि, प्रांतीय खंड,अल्मोड़ा।