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एप्पल मिशन योजना पर पलीता लगाने का आरोप
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मुख्यमंत्री से मुलाकात करते एप्पल मैन गोपाल उप्रेती। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। एप्पल मैन के नाम से मशहूर बागवान बिल्लेख निवासी गोपाल दत्त उप्रेती ने देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें बागवानों और किसानों की समस्याएं बताईं।
उन्होंने एप्पल मिशन को पूर्व की तरह लागू करने, बागवानों और किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए उद्यान निदेशालय में निदेशक को नियमित रूप से बैठाने और डबल इंटर स्टॉक के बजाय रूट स्टॉक वाले उन्नत किस्म के सेब के पौध उपलब्ध कराने की मांग की है।
कहा कि 12 लाख रुपये योजना के लिए रखे हैं, इसमें कैसे योजना परवान चढ़ेगी। योजना किसान विरोधी है। उप्रेती ने कहा कि एप्पल मिशन योजना के लिए 12 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
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इसमें से सात लाख रुपये सबमर्सिबल पंप के लिए रखे गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बोरिंग करना कठिन काम है। उन्होंने कहा कि निदेशक ने जिन रूट स्टॉक वाले सेब के पौधों का जिक्र किया है वह दुनिया में कहीं भी मिलना संभव नहीं है।
रूट स्टॉक और सेब की वैरायटी तय करने के लिए किसानों, बागवानों और विभाग की संयुक्त बैठक बुलानी होगी। कहा कि मिशन के सभी बिंदु किसान विरोधी प्रतीत हो रहे हैं।
इसकी जानकारी कृषि मंत्री को भी दे दी गई है। कहा कि उद्यान निदेशक को यहां चौबटिया स्थित निदेशालय में स्थायी रूप से बैठाना होगा, तभी किसानों, बागवानों की समस्याएं दूर हो पाएंगी। देहरादून में बैठकर समस्याओं का निराकरण नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस विषय को गंभीरता से लिया है।
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उन्होंने एप्पल मिशन को पूर्व की तरह लागू करने, बागवानों और किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए उद्यान निदेशालय में निदेशक को नियमित रूप से बैठाने और डबल इंटर स्टॉक के बजाय रूट स्टॉक वाले उन्नत किस्म के सेब के पौध उपलब्ध कराने की मांग की है।
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कहा कि 12 लाख रुपये योजना के लिए रखे हैं, इसमें कैसे योजना परवान चढ़ेगी। योजना किसान विरोधी है। उप्रेती ने कहा कि एप्पल मिशन योजना के लिए 12 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
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इसमें से सात लाख रुपये सबमर्सिबल पंप के लिए रखे गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बोरिंग करना कठिन काम है। उन्होंने कहा कि निदेशक ने जिन रूट स्टॉक वाले सेब के पौधों का जिक्र किया है वह दुनिया में कहीं भी मिलना संभव नहीं है।
रूट स्टॉक और सेब की वैरायटी तय करने के लिए किसानों, बागवानों और विभाग की संयुक्त बैठक बुलानी होगी। कहा कि मिशन के सभी बिंदु किसान विरोधी प्रतीत हो रहे हैं।
इसकी जानकारी कृषि मंत्री को भी दे दी गई है। कहा कि उद्यान निदेशक को यहां चौबटिया स्थित निदेशालय में स्थायी रूप से बैठाना होगा, तभी किसानों, बागवानों की समस्याएं दूर हो पाएंगी। देहरादून में बैठकर समस्याओं का निराकरण नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस विषय को गंभीरता से लिया है।