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किसानों को किया सतर्क, टिड्डी दल दिखे तो दें सूचना
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Alert the farmers, give information if grasshopper teams are seen
अल्मोड़ा। कोरोना संक्रमण के बीच राज्य में भी टिड्डी दल का फसलों पर खतरा मंडराने की आशंका है। इसको देखते हुए कृषि विभाग ने जिले में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 05962-230424 है। कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क करते हुए सुरक्षात्मक उपाय करने के सुझाव भी दिए हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि टिड्डी दल हरियाणा के गुरूग्राम, दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रवेश कर गया है। ऐसे में उत्तराखंड में भी टिड्डी दल के प्रवेश का खतरा बना हुआ है। टिड्डी दल द्वारा ज्यादातर मक्का, मूूंग, उड़द, गन्ना, सब्जियों, आम आदि को नुकसान पहुंचाया जाता है। इसलिए टिड्डी दल से सावधान रहने की जरूरत है।
कैसे करें बचाव : टिड्डी दल के हमले से बचने के लिए कृषक एक साथ टिन के डिब्बे या थालियां बजाएं। खेतों में धुआं करें और पानी भर दें, ताकि टिड्डी दल खेत पर न बैठ पाए। टिड्डी दल की रोकथाम को सुबह पांच बजे से आठ बजे तक क्लोरपाईरीफोस 20 प्रतिशत ईसी और लैंबडा साईहलोथ्रीन पांच प्रतिशत ईसी के छिड़काव से की जा सकती है। किसान निरंतर अपने खेतों की निगरानी करें। टिड्डी दल दिखने पर तत्काल मुख्य कृषि अधिकारी, कृषि रक्षा अधिकारी, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, विकासखंड प्रभारी और न्याय पंचायत प्रभारी से संपर्क करें। इसकी सूचना कंट्रोल रूम में भी दी जा सकती है।
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मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि टिड्डी दल हरियाणा के गुरूग्राम, दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रवेश कर गया है। ऐसे में उत्तराखंड में भी टिड्डी दल के प्रवेश का खतरा बना हुआ है। टिड्डी दल द्वारा ज्यादातर मक्का, मूूंग, उड़द, गन्ना, सब्जियों, आम आदि को नुकसान पहुंचाया जाता है। इसलिए टिड्डी दल से सावधान रहने की जरूरत है।
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कैसे करें बचाव : टिड्डी दल के हमले से बचने के लिए कृषक एक साथ टिन के डिब्बे या थालियां बजाएं। खेतों में धुआं करें और पानी भर दें, ताकि टिड्डी दल खेत पर न बैठ पाए। टिड्डी दल की रोकथाम को सुबह पांच बजे से आठ बजे तक क्लोरपाईरीफोस 20 प्रतिशत ईसी और लैंबडा साईहलोथ्रीन पांच प्रतिशत ईसी के छिड़काव से की जा सकती है। किसान निरंतर अपने खेतों की निगरानी करें। टिड्डी दल दिखने पर तत्काल मुख्य कृषि अधिकारी, कृषि रक्षा अधिकारी, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, विकासखंड प्रभारी और न्याय पंचायत प्रभारी से संपर्क करें। इसकी सूचना कंट्रोल रूम में भी दी जा सकती है।
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