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वीपीकेएएस और हिमाचल प्रदेश कृषि विवि के बीच समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर
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अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा (वीपीकेएएस) और चौधरी श्रवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के बीच एक करार पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अंतर्गत दोनों संस्थानों में स्थापित प्रयोगशालाओं, प्रक्षेत्र, पुस्तकालयों को दोनों के द्वारा उपयोग किया जाएगा।
साथ ही चौधरी श्रवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में एमएससी और पीएचडी कर रहे विद्यार्थी कृषि और कृषि संबंधित विषयों में शोध विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा में कर सकेंगे। वीपीकेएएस के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने बताया कि वैज्ञानिक ज्ञान और सूचना का आदान-प्रदान भी दोनों संस्थानों के बीच होगा।
दोनों संस्थानों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को संबंधित राज्य, हितधारकों तक दोनों संस्थान प्रसारित करेंगे। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकियों का विकास कर सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण तकनीक का आदान-प्रदान, उत्पादों का प्रबंधन और व्यावसायीकरण भी इस करार के अंतर्गत शामिल है।
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साथ ही वीपीकेएएस के परामर्श से संस्थान के वैज्ञानिक शोध अनुसंधान सदस्य और अनुसंधान सलाहकार समिति के अध्यक्ष, सह अध्यक्ष के रूप में नामित किए जाएंगे। इस करार से हिमाचल प्रदेश की कृषि उन्नत तकनीकों का लाभ उत्तराखंड और संस्थान द्वारा उत्तराखंड के लिए विकसित तकनीकों का लाभ हिमाचल प्रदेश को मिलेगा।
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साथ ही चौधरी श्रवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में एमएससी और पीएचडी कर रहे विद्यार्थी कृषि और कृषि संबंधित विषयों में शोध विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा में कर सकेंगे। वीपीकेएएस के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने बताया कि वैज्ञानिक ज्ञान और सूचना का आदान-प्रदान भी दोनों संस्थानों के बीच होगा।
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दोनों संस्थानों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को संबंधित राज्य, हितधारकों तक दोनों संस्थान प्रसारित करेंगे। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकियों का विकास कर सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण तकनीक का आदान-प्रदान, उत्पादों का प्रबंधन और व्यावसायीकरण भी इस करार के अंतर्गत शामिल है।
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साथ ही वीपीकेएएस के परामर्श से संस्थान के वैज्ञानिक शोध अनुसंधान सदस्य और अनुसंधान सलाहकार समिति के अध्यक्ष, सह अध्यक्ष के रूप में नामित किए जाएंगे। इस करार से हिमाचल प्रदेश की कृषि उन्नत तकनीकों का लाभ उत्तराखंड और संस्थान द्वारा उत्तराखंड के लिए विकसित तकनीकों का लाभ हिमाचल प्रदेश को मिलेगा।