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देवदार काटने की अनुमति दी तो होगा आंदोलन : उलोवा
Almora
Updated Sun, 15 Dec 2013 05:47 AM IST
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अल्मोड़ा। आकाशवाणी के निकट देवदार के चार पेड़ों को काटने की अनुमति को लेकर चल रहे मामले में किए गए संयुक्त निरीक्षण में वन विभाग ने इन पेड़ों से किसी तरह का खतरा नहीं होने की रिपोर्ट दी है। दूसरी तरफ उत्तराखंड लोक वाहिनी ने कहा है कि यदि प्रशासन ने किसी दबाव में पेड़ काटने की अनुमति दी तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
आकाशवाणी के निकट एक निर्माणाधीन भवन के पास स्थित देवदार के चार पेड़ों को काटने के लिए संबंधित लोगों ने परगना मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थनापत्र दिया है। परगना मजिस्ट्रेट के आदेश पर शुक्रवार को वन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक निरीक्षण में गए रेंजर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन पेड़ों से किसी को खतरा नहीं है। डीएफओ प्रेम कुमार ने भी इसकी पुष्टि की है। वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर इन पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं मिल सकती। इधर, उत्तराखंड लोक वाहिनी ने आकाशवाणी के समीप बन रही बहुमंजिली इमारत के पास संरक्षित देवदार के पेड़ काटने के लिए कमेटी का गठन करने की कड़ी निंदा की है। उलोवा के केंद्रीय अध्यक्ष डा. शमशेर सिंह बिष्ट का कहना है कि शायद यह पहला मौका है जब एक प्रभावशाली बिल्डर्स को पेड़ काटने की अनुमति देने के लिए प्रशासन ने कमेटी का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि आम लोगों को जरूरी होने पर भी पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी जाती है लेकिन जिला प्रशासन कमेटी बनाकर आकाशवाणी के समीप बिल्डिंग बना रहे प्रभावशाली व्यक्ति को पेड़ काटने की अनुमति देने पर आमादा हैं। उन्होंने कहा कि इमारत बना रहा मुंबई का प्रभावशाली व्यक्ति है और अल्मोड़ा के भी कुछ लोग उससे जुड़े हैं। इसलिए अधिकारी भी उसके जबर्दस्त राजनैतिक प्रभाव में हैं।
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खतरा नहीं है तो पेड़ गिराने की अनुमति नहीं मिलेगी : डीएम
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में परगना मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हो रही है और यह ज्यूडिशियल मैटर है। यदि वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इन पेड़ों से किसी को खतरा नहीं है तो प्रशासन की ओर से इन्हें काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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आकाशवाणी के निकट एक निर्माणाधीन भवन के पास स्थित देवदार के चार पेड़ों को काटने के लिए संबंधित लोगों ने परगना मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थनापत्र दिया है। परगना मजिस्ट्रेट के आदेश पर शुक्रवार को वन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक निरीक्षण में गए रेंजर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन पेड़ों से किसी को खतरा नहीं है। डीएफओ प्रेम कुमार ने भी इसकी पुष्टि की है। वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर इन पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं मिल सकती। इधर, उत्तराखंड लोक वाहिनी ने आकाशवाणी के समीप बन रही बहुमंजिली इमारत के पास संरक्षित देवदार के पेड़ काटने के लिए कमेटी का गठन करने की कड़ी निंदा की है। उलोवा के केंद्रीय अध्यक्ष डा. शमशेर सिंह बिष्ट का कहना है कि शायद यह पहला मौका है जब एक प्रभावशाली बिल्डर्स को पेड़ काटने की अनुमति देने के लिए प्रशासन ने कमेटी का गठन किया है।
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उन्होंने कहा कि आम लोगों को जरूरी होने पर भी पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी जाती है लेकिन जिला प्रशासन कमेटी बनाकर आकाशवाणी के समीप बिल्डिंग बना रहे प्रभावशाली व्यक्ति को पेड़ काटने की अनुमति देने पर आमादा हैं। उन्होंने कहा कि इमारत बना रहा मुंबई का प्रभावशाली व्यक्ति है और अल्मोड़ा के भी कुछ लोग उससे जुड़े हैं। इसलिए अधिकारी भी उसके जबर्दस्त राजनैतिक प्रभाव में हैं।
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खतरा नहीं है तो पेड़ गिराने की अनुमति नहीं मिलेगी : डीएम
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में परगना मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हो रही है और यह ज्यूडिशियल मैटर है। यदि वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इन पेड़ों से किसी को खतरा नहीं है तो प्रशासन की ओर से इन्हें काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।