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निजी स्कूलों द्वारा ली जा रही काशनमनी गैर कानूनी नहीं
Updated Wed, 14 Jun 2017 04:07 PM IST
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‘निजी स्कूलों द्वारा ली जा रही काशनमनी गैर कानूनी नहीं’
अल्मोड़ा। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुरुरानी ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा ली जा रही काशनमनी को गैर कानूनी नहीं ठहराया जा सकता। काशनमनी सुविधायुक्त स्कूलों द्वारा एक सिक्यूरिटी के तौर पर ली जाती है जो कि स्कूल को छोड़ते समय विद्यालय के देयकों का भुगतान काटकर वापस कर दी जाती है।
उन्होंने कहा है कि काशनमनी स्कूलों और कालेजों द्वारा विद्यार्थियों को दी जाने वाले पुस्तकालय, विपणन, खेलकूद आदि की सुविधाओं के लिए न्यूनतम धनराशि के तौर पर ली जाती है। स्कूल छोड़ते समय काशनमनी देयकों को काटकर प्रमाण पत्र के साथ वापस कर दी जाती है। जब तक शिक्षा का राष्ट्रीयकरण नहीं हो जाता तब कर निजी स्कूलों पर सरकार का नियंत्रण एक सीमा तक होना चाहिए। सरकार को स्तर के आधार पर प्राथमिक, जूनियर, हाइस्कूल, इंटर तक विभिन्न स्तरों पर विद्यालयों का वर्गीकरण करना चाहिए।
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अल्मोड़ा। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुरुरानी ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा ली जा रही काशनमनी को गैर कानूनी नहीं ठहराया जा सकता। काशनमनी सुविधायुक्त स्कूलों द्वारा एक सिक्यूरिटी के तौर पर ली जाती है जो कि स्कूल को छोड़ते समय विद्यालय के देयकों का भुगतान काटकर वापस कर दी जाती है।
उन्होंने कहा है कि काशनमनी स्कूलों और कालेजों द्वारा विद्यार्थियों को दी जाने वाले पुस्तकालय, विपणन, खेलकूद आदि की सुविधाओं के लिए न्यूनतम धनराशि के तौर पर ली जाती है। स्कूल छोड़ते समय काशनमनी देयकों को काटकर प्रमाण पत्र के साथ वापस कर दी जाती है। जब तक शिक्षा का राष्ट्रीयकरण नहीं हो जाता तब कर निजी स्कूलों पर सरकार का नियंत्रण एक सीमा तक होना चाहिए। सरकार को स्तर के आधार पर प्राथमिक, जूनियर, हाइस्कूल, इंटर तक विभिन्न स्तरों पर विद्यालयों का वर्गीकरण करना चाहिए।
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