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2445 की जांच में 842 ऑक्सीमीटर निकले खराब
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अल्मोड़ा। जिले के विधायकों की ओर से जारी विधायक निधि से खरीदे गए 4000 ऑक्सीमीटरों में से 2445 की जांच की गई। परीक्षण में 842 ऑक्सीमीटर खराब पाए गए। जांच के आधार पर जिला प्रशासन ने ऑक्सीमीटर की सप्लाई करने वाली देहरादून की कंपनी को सभी ऑक्सीमीटर वापस करने का निर्णय लिया है। साथ ही संबंधित फर्म से अनुबंध भी समाप्त कर दिया है।
मालूम हो कि प्रशासन ने विधायक निधि की 22.44 लाख रुपये की धनराशि से जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में ऑक्सीजन लेबल नापने के लिए चार हजार ऑक्सीमीटर खरीदे थे। बुधवार को ऑक्सीमीटरों की रीडिंग गलत आने की शिकायत पर इनके वितरण पर रोक लगा दी गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में जो ऑक्सीमीटर वितरित किए गए थे प्रशासन ने उन्हें वापस मंगवा लिया था। बृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पांडे, मुख्य कोषाधिकारी हेमेंद्र प्रकाश गंगवार और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सविता ह्यांकी की देखरेख में ऑक्सीमीटरों की जांच की गई। सीडीओ ने बताया कि 2445 ऑक्सीमीटरों की जांच की गई, जिनमें से करीब एक तिहाई (842) ऑक्सीमीटर गलत रीडिंग दे रहे हैं। इसकी रिपोर्ट शुक्रवार को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के समक्ष रखी गई। उन्होंने बताया कि देहरादून की कंपनी से कोटेशन के माध्यम से लिए गए ऑक्सीमीटरों को वापस करने का फैसला लिया गया है। साथ ही अनुबंध भी निरस्त कर दिया है। हालांकि कपंनी ने छह माह की वॉरंटी दी थी। सीडीओ ने बताया कि यदि विधायक सहमति देंगे तो दूसरी फर्म से ऑक्सीमीटर खरीदे जाएंगे। जरूरत पड़ने पर प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ऑक्सीमीटर खरीदेगा।
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मालूम हो कि प्रशासन ने विधायक निधि की 22.44 लाख रुपये की धनराशि से जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में ऑक्सीजन लेबल नापने के लिए चार हजार ऑक्सीमीटर खरीदे थे। बुधवार को ऑक्सीमीटरों की रीडिंग गलत आने की शिकायत पर इनके वितरण पर रोक लगा दी गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में जो ऑक्सीमीटर वितरित किए गए थे प्रशासन ने उन्हें वापस मंगवा लिया था। बृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पांडे, मुख्य कोषाधिकारी हेमेंद्र प्रकाश गंगवार और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सविता ह्यांकी की देखरेख में ऑक्सीमीटरों की जांच की गई। सीडीओ ने बताया कि 2445 ऑक्सीमीटरों की जांच की गई, जिनमें से करीब एक तिहाई (842) ऑक्सीमीटर गलत रीडिंग दे रहे हैं। इसकी रिपोर्ट शुक्रवार को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के समक्ष रखी गई। उन्होंने बताया कि देहरादून की कंपनी से कोटेशन के माध्यम से लिए गए ऑक्सीमीटरों को वापस करने का फैसला लिया गया है। साथ ही अनुबंध भी निरस्त कर दिया है। हालांकि कपंनी ने छह माह की वॉरंटी दी थी। सीडीओ ने बताया कि यदि विधायक सहमति देंगे तो दूसरी फर्म से ऑक्सीमीटर खरीदे जाएंगे। जरूरत पड़ने पर प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ऑक्सीमीटर खरीदेगा।
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