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नैनोली गांव में शिकारी लखपत सिंह ने मोर्चा संभाला
Updated Mon, 17 Sep 2018 11:13 PM IST
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अल्मोड़ा। हवालबाग विकासखंड के नैनोली गांववासियों को तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने के लिए सोमवार शाम को लखपत सिंह अपने दो साथियों के साथ गांव में पहुंच गए हैं और उन्होंने तेंदुए को मारने के लिए वहां मोर्चा संभाल लिया है।
पिछले काफी समय से नैनोली गांव में तेंदुए का आतंक मचा हुआ है।
आए दिन तेंदुआ लोगों पर हमला कर रहा है। इससे ग्रामीण भयभीत हैं। अल्मोड़ा-कौसानी मार्ग के भगतोला कस्बे से नैैनोली गांव करीब डेढ़ किमी दूरी पर स्थित है। रविवार रात भी लोगों को भगतोला में सड़क के पास तेंदुए दिखाई दिया। वहीं तेंदुआ गांव के आसपास ही गुर्रा रहा है। इससे लोग दहशत में हैं।
तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश हो गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी विशन राम ने बताया कि 12 वन कर्मियों के तीन दल गांव में गश्त कर रहे हैं। गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे भी लगाए गए हैं। सोमवार देर शाम चमोली से शिकारी लखपत सिंह अपने दो साथियों हरीश सिंह और हरेंद्र सिंह के साथ नैनोली गांव पहुंच गए हैं और उन्होंने गांव में मचान बनाकर मोर्चा संभाल लिया है। तेंदुए को ललचाने को लिए वन विभाग विभाग द्वारा एक बकरी भी वहां लाई गई है।
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पिछले काफी समय से नैनोली गांव में तेंदुए का आतंक मचा हुआ है।
आए दिन तेंदुआ लोगों पर हमला कर रहा है। इससे ग्रामीण भयभीत हैं। अल्मोड़ा-कौसानी मार्ग के भगतोला कस्बे से नैैनोली गांव करीब डेढ़ किमी दूरी पर स्थित है। रविवार रात भी लोगों को भगतोला में सड़क के पास तेंदुए दिखाई दिया। वहीं तेंदुआ गांव के आसपास ही गुर्रा रहा है। इससे लोग दहशत में हैं।
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तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश हो गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी विशन राम ने बताया कि 12 वन कर्मियों के तीन दल गांव में गश्त कर रहे हैं। गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे भी लगाए गए हैं। सोमवार देर शाम चमोली से शिकारी लखपत सिंह अपने दो साथियों हरीश सिंह और हरेंद्र सिंह के साथ नैनोली गांव पहुंच गए हैं और उन्होंने गांव में मचान बनाकर मोर्चा संभाल लिया है। तेंदुए को ललचाने को लिए वन विभाग विभाग द्वारा एक बकरी भी वहां लाई गई है।
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