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अस्थायी पदों पर दोबारा भर्ती करना न्यायोचित नहीं
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:57 PM IST
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अल्मोड़ा। अतिथि शिक्षकों की रैमजे इंटर कालेज प्रांगण में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार की दलगत और गलत नीतियों से अतिथि शिक्षकों का भविष्य चौपट हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा पलायन रोकने के लिए ब्लॉक स्तर पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। जिसमें करीब 86000 लोगों ने आवेदन किया था। तीन आईएएस अधिकारियों के समक्ष पूर्ण जांच के बाद छह हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए गए थे।
अतिथि शिक्षकों ने तीन वर्षों तक अति दुर्गम विद्यालयों में सेवा कर शिक्षा व्यवस्था को पटरी में लाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अस्थायी पद के लिए दोबारा भर्ती प्रक्रिया कराना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अतिथि शिक्षकों के संगठन में फूट डालकर उन्हें बेरोजगार करना चाहती है। उन्होंने अतिथि शिक्षकों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। बैठक में नरेंद्र वाणी, लक्ष्मण, हरीश, मनीष, नवीन, कमलेश, राजू, मनोज, ललित आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा पलायन रोकने के लिए ब्लॉक स्तर पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। जिसमें करीब 86000 लोगों ने आवेदन किया था। तीन आईएएस अधिकारियों के समक्ष पूर्ण जांच के बाद छह हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए गए थे।
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अतिथि शिक्षकों ने तीन वर्षों तक अति दुर्गम विद्यालयों में सेवा कर शिक्षा व्यवस्था को पटरी में लाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अस्थायी पद के लिए दोबारा भर्ती प्रक्रिया कराना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अतिथि शिक्षकों के संगठन में फूट डालकर उन्हें बेरोजगार करना चाहती है। उन्होंने अतिथि शिक्षकों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। बैठक में नरेंद्र वाणी, लक्ष्मण, हरीश, मनीष, नवीन, कमलेश, राजू, मनोज, ललित आदि मौजूद थे।
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