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प्रदेश में 72 सहायक अध्यापकों को मिली पदोन्नति
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अल्मोड़ा। प्रदेश में 72 सहायक अध्यापकों (एलटी) को पदोन्नति मिली है। इसमें दिव्यांग श्रेणी से दो अध्यापक भी शामिल हैं। इन शिक्षकों को उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग) सेवा वेतनमान 47600-151100 लेवल आठ में प्रवक्ता भूगोल (सामान्य शाखा) के पद पर मौलिक पदोन्नति दी गई है। अल्मोड़ा से दो शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिला है।
जिले के जीआईसी नैल के महिपाल सिंह को जीआईसी पाटकोट नैनीताल में और जीआईसी जालली के मुन्ना सिंह को जीआईसी बिंदुखेड़ा में भूगोल प्रवक्ता पद पर पदोन्नति मिली है। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा रामकृष्ण उनियाल की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि आदेश जारी होने की तिथि के 15 दिन के भीतर संबंधित शिक्षकों को पदस्थापित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करना होगा।
निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण न करने वाले, पदोन्नति का परित्याग करने वाले शिक्षक लिखित सूचना संबंधित प्रधानाचार्य के माध्यम से निदेशालय को उपलब्ध कराएंगे। निर्धारित समय पर पदस्थापित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों की पदोन्नति स्वत: निरस्त समझी जाएगी। निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण न करने वाले, पदोन्नति का परित्याग करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के संबंध में उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति का परित्याग नियमावली 2020 के नियम तीन के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई होगी।
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जिले के जीआईसी नैल के महिपाल सिंह को जीआईसी पाटकोट नैनीताल में और जीआईसी जालली के मुन्ना सिंह को जीआईसी बिंदुखेड़ा में भूगोल प्रवक्ता पद पर पदोन्नति मिली है। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा रामकृष्ण उनियाल की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि आदेश जारी होने की तिथि के 15 दिन के भीतर संबंधित शिक्षकों को पदस्थापित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करना होगा।
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निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण न करने वाले, पदोन्नति का परित्याग करने वाले शिक्षक लिखित सूचना संबंधित प्रधानाचार्य के माध्यम से निदेशालय को उपलब्ध कराएंगे। निर्धारित समय पर पदस्थापित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों की पदोन्नति स्वत: निरस्त समझी जाएगी। निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण न करने वाले, पदोन्नति का परित्याग करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के संबंध में उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति का परित्याग नियमावली 2020 के नियम तीन के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई होगी।
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