{"_id":"5ad8d3154f1c1b54098b5646","slug":"71524159253-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाइडेंट लाइनों के लिए शासन से अभी नहीं मिली स्वीकृति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाइडेंट लाइनों के लिए शासन से अभी नहीं मिली स्वीकृति
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। गर्मियों में आग लगने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। जनवरी से अब तक जिले में लगभग 45 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अग्निशमन विभाग ने आग लगने की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने के उद्देश्य से तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों में हाइड्रेंट लाइनें डालने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन शासन स्तर से अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकृत नहीं किया गया है।
जिले में अल्मोड़ा और रानीखेत में ही अग्निशमन केंद्र हैं। दूर दराज आग लगने की घटनाओं पर अग्निशमन दल को वाहन समेत अपने केंद्र से काफी दूर-दूर तक जाना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने सभी तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों में हाइड्रेंट लाइनें डालने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भी भेज दिया था। ताकि दूर दराज में आग लगने की घटना की सूचना मिलने पर उस जगह पर लगाए गए हाइड्रेंट लाइन से आग बुझाने का काम किया जा सके।
वर्तमान में अग्निशमन विभाग के पास तीन बड़े और तीन छोटे फायर वाहन हैं। अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटना सामने आने पर विभाग के 37 जवान, 12 हेड कांस्टेबल और 10 चालकों को इन जगहों पर वाहन के साथ भेजने की कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन हाइड्रेंट लाइनों के नाम पर केवल 45 ही हाइड्रेंट लाइनें मौजूद हैं।
विज्ञापन
इनमें भी अधिकतर लाइनें अल्मोड़ा नगर और रानीखेत में हैं, लेकिन दूर दराज में हाइड्रेंट लाइन नहीं होने से वाहन में जिला मुख्यालय से ही पानी भरकर ले जाना मजबूरी बना हुआ है। इधर मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर ने बताया कि तहसील और ब्लॉक आदि मुख्यालयों में आग की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने और आग को काबू पाने के लिए विभाग ने ब्लॉक और तहसील मुख्यालयों में 56 स्थान चिन्हित करते हुए इन जगहों पर हाइड्रेंट लाइन लगाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था, लेकिन शासन से अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।
विज्ञापन
जिले में अल्मोड़ा और रानीखेत में ही अग्निशमन केंद्र हैं। दूर दराज आग लगने की घटनाओं पर अग्निशमन दल को वाहन समेत अपने केंद्र से काफी दूर-दूर तक जाना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने सभी तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों में हाइड्रेंट लाइनें डालने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भी भेज दिया था। ताकि दूर दराज में आग लगने की घटना की सूचना मिलने पर उस जगह पर लगाए गए हाइड्रेंट लाइन से आग बुझाने का काम किया जा सके।
विज्ञापन
वर्तमान में अग्निशमन विभाग के पास तीन बड़े और तीन छोटे फायर वाहन हैं। अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटना सामने आने पर विभाग के 37 जवान, 12 हेड कांस्टेबल और 10 चालकों को इन जगहों पर वाहन के साथ भेजने की कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन हाइड्रेंट लाइनों के नाम पर केवल 45 ही हाइड्रेंट लाइनें मौजूद हैं।
विज्ञापन
इनमें भी अधिकतर लाइनें अल्मोड़ा नगर और रानीखेत में हैं, लेकिन दूर दराज में हाइड्रेंट लाइन नहीं होने से वाहन में जिला मुख्यालय से ही पानी भरकर ले जाना मजबूरी बना हुआ है। इधर मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर ने बताया कि तहसील और ब्लॉक आदि मुख्यालयों में आग की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने और आग को काबू पाने के लिए विभाग ने ब्लॉक और तहसील मुख्यालयों में 56 स्थान चिन्हित करते हुए इन जगहों पर हाइड्रेंट लाइन लगाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था, लेकिन शासन से अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।