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रेशम उत्पादन को ठाना मठेना में बनेगा शहतूत फार्म
Updated Tue, 17 Apr 2018 10:43 PM IST
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अल्मोड़ा। जिले के ग्रामीण इलाकों में रेशम उत्पादन की काफी संभावनाएं हैं। रेशम विभाग काश्तकारों को रेशम उत्पादन से जोड़ने के लिए लमगड़ा ब्लॉक के ठानामटेना में चार एकड़ भूमि में एक और शहतूत फार्म विकसित करेगा। जिले के विभिन्न ब्लॉकों में चालू वित्तीय वर्ष में 70 हजार शहतूत के पौधों का रोपण किया जाएगा, ताकि जिले में रेशम उत्पादन ग्रामीणों की आय का जरिया बन सके।
सोमेश्वर घाटी के अलावा जैंती, लमगड़ा, स्याल्दे घाटी और हवालबाग ब्लॉक के खूंट आदि क्षेत्रों की जलवायु रेशम उत्पादन के लिए उपयुक्त है। चालू वित्तीय वर्ष में भैंसियाछाना ब्लॉक के पेटशाल, डुंगरी, नौगांव, स्याल्दे के बरगल, लमगड़ा ब्लॉक के ठानामटेना, फफना (उज्यौला) आदि क्षेत्रों में शहतूत के 70 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के माध्यम से इन इलाकों में पौधरोपण किया जाएगा।
विभाग जिले में आधारमाफी में सात एकड़ भूमि में शहतूत का फार्म विकसित कर चुका है, जबकि लमगड़ा ब्लॉक के सिरौनिया में फार्म में छह एकड़ भूमि में शहतूत के पौधों को रोपण पिछले वर्ष किया गया है। इस फार्म में शहतूत के पेड़ लहलहा रहे हैं। इस वर्ष ठानामटेना में चार एकड़ भूमि में विभाग फार्म विकसित करने जा रहा है। विभाग ने ग्रामीणों से यह भूमि बीस साल के लिए लीज पर लेने की कार्रवाई पूरी कर ली है। रेशम विभाग के प्रभारी राकेश कुमार कोठारी ने बताया कि इस फार्म में सात हजार शहतूत के पौधों का रोपण किया जाएगा।
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सोमेश्वर घाटी के अलावा जैंती, लमगड़ा, स्याल्दे घाटी और हवालबाग ब्लॉक के खूंट आदि क्षेत्रों की जलवायु रेशम उत्पादन के लिए उपयुक्त है। चालू वित्तीय वर्ष में भैंसियाछाना ब्लॉक के पेटशाल, डुंगरी, नौगांव, स्याल्दे के बरगल, लमगड़ा ब्लॉक के ठानामटेना, फफना (उज्यौला) आदि क्षेत्रों में शहतूत के 70 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के माध्यम से इन इलाकों में पौधरोपण किया जाएगा।
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विभाग जिले में आधारमाफी में सात एकड़ भूमि में शहतूत का फार्म विकसित कर चुका है, जबकि लमगड़ा ब्लॉक के सिरौनिया में फार्म में छह एकड़ भूमि में शहतूत के पौधों को रोपण पिछले वर्ष किया गया है। इस फार्म में शहतूत के पेड़ लहलहा रहे हैं। इस वर्ष ठानामटेना में चार एकड़ भूमि में विभाग फार्म विकसित करने जा रहा है। विभाग ने ग्रामीणों से यह भूमि बीस साल के लिए लीज पर लेने की कार्रवाई पूरी कर ली है। रेशम विभाग के प्रभारी राकेश कुमार कोठारी ने बताया कि इस फार्म में सात हजार शहतूत के पौधों का रोपण किया जाएगा।
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