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कलक्ट्रेट में गुरिल्लों के धरने को आठ साल पूरे हुए
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:03 PM IST
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अल्मोड़ा। एसएसबी में स्थायी नियुक्ति, पेंशन देने समेत अन्य मांगों को लेकर गुरिल्लों का कलक्ट्रेट में चल रहे धरने को बृहस्पतिवार को आठ साल पूरे हो गए हैं। धरना स्थल पर हुई बैठक में वक्ताओं ने धरना जारी रखने का ऐलान किया।
एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला ने बताया कि 26 अक्तूबर 2009 से जिला मुख्यालय में धरना शुरू किया गया जो अब तक अनवरत जारी है। संगठन ने बीच-बीच में अन्य आंदोलनात्मक गतिविधियां भी की।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्तर पर जहां आंदोलन के परिणाम स्वरूप गुरिल्लों का सत्यापन हो चुका है वहीं केंद्र सरकार गुरिल्लों के संबंध में तमाम विकल्पों पर विचार कर रही है। देश में करीब एक लाख गुरिल्ले नौकरी और पेंशन की मांग कर रहे हैं, जिसमें हो रहे भारी खर्चे को देखते हुए सरकार अभी मुद्दे को लटकाए हुए है। धरने पर खड़क सिंह पिलख्वाल, संजय कुमार, आनंदी मेहरा, ममता मेहता, भानु पंत, दीपा परगाई, हेमा बिष्ट, विशन राम, दीपा साह बैठे।
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एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला ने बताया कि 26 अक्तूबर 2009 से जिला मुख्यालय में धरना शुरू किया गया जो अब तक अनवरत जारी है। संगठन ने बीच-बीच में अन्य आंदोलनात्मक गतिविधियां भी की।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्तर पर जहां आंदोलन के परिणाम स्वरूप गुरिल्लों का सत्यापन हो चुका है वहीं केंद्र सरकार गुरिल्लों के संबंध में तमाम विकल्पों पर विचार कर रही है। देश में करीब एक लाख गुरिल्ले नौकरी और पेंशन की मांग कर रहे हैं, जिसमें हो रहे भारी खर्चे को देखते हुए सरकार अभी मुद्दे को लटकाए हुए है। धरने पर खड़क सिंह पिलख्वाल, संजय कुमार, आनंदी मेहरा, ममता मेहता, भानु पंत, दीपा परगाई, हेमा बिष्ट, विशन राम, दीपा साह बैठे।
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