फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   चार साल बाद भी सात इंटर कालेजों के भवन अधूरे

चार साल बाद भी सात इंटर कालेजों के भवन अधूरे

Sun, 13 May 2018 11:38 PM IST
Updated Sun, 13 May 2018 11:38 PM IST
विज्ञापन
चार साल बाद भी सात इंटर कालेजों के भवन अधूरे
karsog school
अल्मोड़ा। सरकारें दावे करती रहती हैं कि शिक्षा व्यवस्था को मूलभूत सुविधाएं, संसाधन उपलब्ध कराना प्राथमिकता में शामिल है, लेकिन बजट के अभाव में जिले के सात इंटर कॉलेजों के भवन चार साल बाद भी अपूर्ण हैं। इन स्कूल भवनों की कुल लागत 10.45 करोड़ है। विभाग को मात्र 6.29 करोड़ ही मिले हैं। शेष 4.16 करोड़ रुपये का बजट पिछले डेढ़ साल से नहीं मिला है। कक्षा कक्षों के अभाव में इन विद्यालयों में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

2014 में प्रदेश सरकार ने धौलादेवी विकासखंड में जीआईसी गुरुड़ाबांज (96.08 लाख), आरा सल्पड़ (134.43 लाख), खेती (113.57 लाख), दन्यां (166.69 लाख), भेटाबड़ौली (193.07 लाख), लमगड़ा विकासखंड में जीआईसी मेरगांव (202.14 लाख), चौड़ा-आनुली (138.83 लाख) के भवनों को मंजूरी दी। सरकार ने प्रथम चरण में इन स्कूल भवनों के निर्माण के लिए टोकन मनी के रूप में कुल 589.49 लाख रुपये जारी किए। शिक्षा विभाग ने निर्माण कार्य के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग (आरईएस) को निर्माण एजेंसी नामित किया। आरईएस ने विद्यालय भवनों के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की। टोकन मनी में से जीआईसी गुरुड़ाबांज को 61.36 लाख, आरा सल्पड़ को 76.48 लाख, खेती के लिए 65.75, दन्यां के लिए 92.46 लाख, भेटाबड़ौली के लिए 105.06 लाख, मेरगांव के लिए 109.62 लाख, चौड़ा-आनुली के लिए 78.76 लाख रुपये विभाग को मिले। आरईएस ने इस राशि को विद्यालय भवनों के निर्माण शुरू किया। इसके बाद गत सितंबर में 40 लाख रुपये, विभाग को मिले। इस राशि से विभाग ने काम पूरा कर लिया है, लेकिन अवशेष कार्य को पूरा करने के लिए शासन से 4.16 करोड़ अवमुक्त नहीं हुए हैं। इससे इन विद्यालयों के भवन अधूरे हैं।
विज्ञापन


कार्य पूरा करने के लिए 4.16 करोड़ की जरूरत
10.45 करोड़ के सापेक्ष मिले मात्र 5.89 करोड़

बजट अवमुक्त न होने से विद्यालय भवनों का काम पूरा नहीं हो पाया है। अवशेष बजट के लिए मांग की गई है। बजट मिलने के बाद काम पूरा हो सकेगा।
- आरडी पांडे, एई, ग्रामीण निर्माण विभाग, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed