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शिक्षक को आजीवन कारावास और एक लाख अर्थदंड की सजा
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:13 PM IST
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अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने लैंगिग अपराध मामले में लमगड़ा इलाके के शिक्षक मुकेश कुमार सहगल पुत्र कुबाड़ी, निवासी बिंदुखंड थाना झबरैड़ा (हरिद्वार) को उम्रकैद ओर एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जेलर और जेल अधीक्षक को आदेशित किया है कि यदि आरोपी सजा कम करने को आवेदन करे तो उसमें कोई अनुशंसा नहीं करेंगे।
सह अभियुक्त प्रधानाध्यापिका दया शैलाकोटी को दो साल की सजा और 21 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
कक्षा चार में पढ़ने वाली छात्रा ने मां को बताया कि शिक्षक मुकेश कुमार सहगल उससे छेड़खानी और गलत काम करते थे। मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो दिखाते हैं, शिकायत पर दया मैडम धमकी देती थी कि यदि किसी को बताया तो बिच्छू घास लगाकर स्कूल से निकाल देंगी।
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इस मामले में पीड़िता के ताऊ ने लमगड़ा थाने में मामला दर्ज कराया था। आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में चले मामले में अभियोजन की ओर से 11 गवाह परीक्षित कराए गए। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को पीड़िता के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए सात लाख रुपये दिए जाने के आदेश पारित किए और कहा कि यदि पूर्व में पीड़िता को कोई धनराशि दी गई है तो वह इसमें से समायोजित की जाएगी।
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सह अभियुक्त प्रधानाध्यापिका दया शैलाकोटी को दो साल की सजा और 21 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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कक्षा चार में पढ़ने वाली छात्रा ने मां को बताया कि शिक्षक मुकेश कुमार सहगल उससे छेड़खानी और गलत काम करते थे। मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो दिखाते हैं, शिकायत पर दया मैडम धमकी देती थी कि यदि किसी को बताया तो बिच्छू घास लगाकर स्कूल से निकाल देंगी।
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इस मामले में पीड़िता के ताऊ ने लमगड़ा थाने में मामला दर्ज कराया था। आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में चले मामले में अभियोजन की ओर से 11 गवाह परीक्षित कराए गए। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को पीड़िता के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए सात लाख रुपये दिए जाने के आदेश पारित किए और कहा कि यदि पूर्व में पीड़िता को कोई धनराशि दी गई है तो वह इसमें से समायोजित की जाएगी।