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कछुवा गति से चल रहा इंटेकवैल का निर्माण
Updated Wed, 28 Feb 2018 11:36 PM IST
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अल्मोड़ा। कोसी नदी में निर्माणाधीन इंटेकवैल का निर्माण कछुवा गति से चल रहा है। सरकार से शेष 8.37 करोड़ रुपये एक साल से नहीं मिले हैं। इस कारण इंटेकवैल का निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। ऐसी स्थिति में गर्मी तक काम पूरा होने से आसार भी नहीं हैं।
शहर और आसपास के क्षेत्रों को कोसी नदी से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इन इलाकों में 18 एमएलडी प्रतिदिन पानी की जरुरत है पर पुराने तीन पंपों के सहारे मात्र आठ एमएलडी पानी की मिल पा रहा है। हालांकि कोसी नदी में बैराज बन गया है। पुराने पंपों के स्थान पर इंटेकवैल स्थापित किया जा रहा है। इसमें नए पंप लगेंगे। निर्माण कार्य के लिए कोसी बैराज को खाली किया गया है। पर सरकार ने निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम को 10.87 करोड़ में से अब तक मात्र 2.5 करोड़ रुपये ही अवमुक्त किए हैं। एक साल से विभाग को शेष बजट अवमुक्त नहीं हुआ है।
शासन से बजट अवमुक्त करने में की जा रही लेटलतीफी के चलते इंटेकवैल का निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। ऐसी स्थिति में गरमी से पहले काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है। काम पूरा नहीं होने पर कोसी बैराज में भी पानी नहीं भरा जा सकेगा। जिससे अल्मोड़ा शहर और आसपास के क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को आगामी गरमी के सीजन में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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इंटेकवैल निर्माण का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष बजट के लिए शासन से बजट की मांग की गई है।
- एन लाल, अधिशासी अभियंता, निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम, अल्मोड़ा।
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शहर और आसपास के क्षेत्रों को कोसी नदी से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इन इलाकों में 18 एमएलडी प्रतिदिन पानी की जरुरत है पर पुराने तीन पंपों के सहारे मात्र आठ एमएलडी पानी की मिल पा रहा है। हालांकि कोसी नदी में बैराज बन गया है। पुराने पंपों के स्थान पर इंटेकवैल स्थापित किया जा रहा है। इसमें नए पंप लगेंगे। निर्माण कार्य के लिए कोसी बैराज को खाली किया गया है। पर सरकार ने निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम को 10.87 करोड़ में से अब तक मात्र 2.5 करोड़ रुपये ही अवमुक्त किए हैं। एक साल से विभाग को शेष बजट अवमुक्त नहीं हुआ है।
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शासन से बजट अवमुक्त करने में की जा रही लेटलतीफी के चलते इंटेकवैल का निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। ऐसी स्थिति में गरमी से पहले काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है। काम पूरा नहीं होने पर कोसी बैराज में भी पानी नहीं भरा जा सकेगा। जिससे अल्मोड़ा शहर और आसपास के क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को आगामी गरमी के सीजन में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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इंटेकवैल निर्माण का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष बजट के लिए शासन से बजट की मांग की गई है।
- एन लाल, अधिशासी अभियंता, निर्माण शाखा उत्तराखंड पेयजल निगम, अल्मोड़ा।