फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   208 families of Almora waiting for displacement

हर साल मिल रहे नए जख्म: अल्मोड़ा के 208 परिवारों को विस्थापन का इंताजार, इस वजह से लोगों को सताने लगी चिंता

Wed, 19 Jun 2024 12:22 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 19 Jun 2024 12:22 PM IST
सार

अल्मोड़ा में आपदा से प्रभावित 208 परिवारों को वर्षों से विस्थापन का इंतजार है। सरकारी तंत्र आपदा प्रभावितों के जख्मों पर कई साल बीतने के बाद भी अब तक मरहम तक नहीं लगा सका है।

विज्ञापन
208 families of Almora waiting for displacement
अल्मोड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

विज्ञापन

अल्मोड़ा में आपदा से प्रभावित 208 परिवारों को वर्षों से विस्थापन का इंतजार है। सरकारी तंत्र आपदा प्रभावितों के जख्मों पर कई साल बीतने के बाद भी अब तक मरहम तक नहीं लगा सका है। आपदा प्रभावितों को महज कोरे आश्वासनों के सिवा और कुछ नहीं मिला। विस्थापन के दावे तो बहुत हुए लेकिन विस्थापन अब तक नहीं हुआ। इधर मानसून काल नजदीक आते ही प्रभावितों को चिंता सताने लगी है।

अल्मोड़ा जिले में वर्ष 2010, 2012, 2013 में आई आपदा में 208 परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए। आपदा की इन घटनाओं में इन परिवारों ने अपने पुश्तैनी मकान गवां दिए, खेती योग्य भूमि भी पूरी तरह बर्बाद हो गई। कुछ ने खतरा भांप गांव के अन्य घरों में शरण ली तो कई आज भी आपदा की मार से जर्जर हो चुके घरों में रहने को मजबूर हैं। हर वर्ष मानसून काल में आपदा से प्रभावित इन परिवारों की चिंता बढ़ जाती है। आसमान से कब आफत बरस जाए, इसकी चिंता से इन परिवारों की रातों की नींद गायब हो जाती है।

विज्ञापन


ये पढ़ें- Haldwani Fire: कार शोरूम की पार्किंग में लगी आग, तीन गाड़ियां जलकर खाक; चारों ओर मची अफरा-तफरी

विज्ञापन
विज्ञापन

आपदा की घटनाओं के बाद सरकारी तंत्र ने इन अतिसंवेदनशील गांवों का भूगर्भीय सर्वे कराया और विशेषज्ञों ने इन गांवों में रहने वाले परिवारों को यहां से तत्काल विस्थापित करने सलाह दी लेकिन एक दशक से अधिक का समय बीतने के बाद भी प्रभावित परिवारों का विस्थापन नहीं हो सका है। इस संबंध में जिलाधिकारी विनीत तोमर ने बताया कि आपदा प्रभावितों के विस्थापन के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। शासन से निर्देश मिलने पर ही आगे की कार्यवाही संभव है।

भैंसियाछाना, रानीखेत और लमगड़ा सबसे अधिक प्रभावित
अल्मोड़ा जिले में अब तक हुईं आपदा की घटनाओं में भैंसियाछाना, रानीखेत और लमगड़ा विकास खंड के लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। सल्ट और चौखुटिया विकास खंड में भी आपदा काल के लिहाज से खतरा कम नहीं है।

 

विकासखंडवार प्रभावित परिवार

ब्लॉक                    प्रभावित परिवार

भैंसियाछाना             102

लमगड़ा                   41

सल्ट                       20

चौखुटिया                03

रानीखेत                  42
 

लोगों को सताने लगी चिंता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed