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अनियोजित विकास से आपदाएं बढ़ने की आशंका: प्रो. सिंह
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:24 PM IST
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अल्मोड़ा। हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और जाने माने वैज्ञानिक प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि अनियोजित विकास और प्रबंधन से हिमालयी प्रदेश में भविष्य में आपदाएं बढ़ने की आशंका है। इससे एक तरफ प्रकृति को नुकसान हो रहा है वहीं समस्याएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। कुमाऊं विश्वविद्यालय के एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के वनस्पति विभाग में पर्यावरण और उसका क्षरण विषय पर आयोजित व्याख्यान में उन्होंने यह बात कही।
प्रो. सिंह ने पर्यावरण असंतुलन पर चिंता जताते हुए कहा कि लगातार कार्बन उत्सर्जन पर्यावरण के क्षरण का कारण बन रहा है। इससे मुक्ति के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। चौड़ी पत्ती प्रजाति के पौधे लगाने से जल संकट से कुछ हद तक निजात मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि अनियोजित विकास और प्रबंधन से हिमालयी प्रदेश में भविष्य में आपदाएं बढ़ने की आशंका है। इससे एक तरफ प्रकृति को नुकसान पहुंच रहा है वहीं समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. हेमा जोशी ने कहा कि पर्यावरण संवेदनशील मुद्दा है।
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पर्यावरण संवर्धन के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। इस मौके पर प्रो. एसएस गेहलन, डॉ. बलवंत आर्या, प्रो. आरसी गुप्ता, डॉ. धनी आर्या, डॉ. योगेश जोशी, डॉ. सुभाष चंद्र, डा. मंजूलता उपाध्याय समेत शोधार्थी, एमएससी द्वितीय तथा चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थी मौजूद थेे। इस मौके पर वनस्पति विज्ञान विभाग के उद्यान में पौधे भी लगाए गए।
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प्रो. सिंह ने पर्यावरण असंतुलन पर चिंता जताते हुए कहा कि लगातार कार्बन उत्सर्जन पर्यावरण के क्षरण का कारण बन रहा है। इससे मुक्ति के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। चौड़ी पत्ती प्रजाति के पौधे लगाने से जल संकट से कुछ हद तक निजात मिल सकती है।
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उन्होंने कहा कि अनियोजित विकास और प्रबंधन से हिमालयी प्रदेश में भविष्य में आपदाएं बढ़ने की आशंका है। इससे एक तरफ प्रकृति को नुकसान पहुंच रहा है वहीं समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. हेमा जोशी ने कहा कि पर्यावरण संवेदनशील मुद्दा है।
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पर्यावरण संवर्धन के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। इस मौके पर प्रो. एसएस गेहलन, डॉ. बलवंत आर्या, प्रो. आरसी गुप्ता, डॉ. धनी आर्या, डॉ. योगेश जोशी, डॉ. सुभाष चंद्र, डा. मंजूलता उपाध्याय समेत शोधार्थी, एमएससी द्वितीय तथा चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थी मौजूद थेे। इस मौके पर वनस्पति विज्ञान विभाग के उद्यान में पौधे भी लगाए गए।