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शासन रुचि नहीं ले रहा, विवि प्रशासन भी उदासीन
Updated Sun, 06 May 2018 11:54 PM IST
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teacher with students
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अल्मोड़ा। कुविवि एसएसजे परिसर में छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा देने के नाम पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तो खोल दिया गया लेकिन दस साल बाद भी यहां शिक्षकों के पदों का सृजन नहीं किया जा सका है। पूर्व में कई बार पत्र व्यवहार करने के बाद भी शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। विवि प्रशासन भी उदासीनता बरत रहा है।
एसएसजे परिसर में 2008 से पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग संचालित है। इसमें केवल 13 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जबकि पुराने बैचों में अधिकतम छात्र संख्या 28 तक थी। उन्हें पढ़ाने के लिए विभाग ने नियत मानदेय पर तीन अतिथि शिक्षकों को रखा है जबकि यहां एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट, दो असिस्टेंट प्रोफेसर की जरूरत है। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के समन्वयक प्रो. देव सिंह पोखरिया ने बताया कि विवि के माध्यम से शासन को लगातार पत्र व्यवहार कर पद सृजित करने की मांग की गई लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
शासन नहीं ले रहा कोई रुचि, विवि प्रशासन भी उदासीन
एसएसजे परिसर में दस साल से बिना पद सृजन चल रहा विभाग
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एसएसजे परिसर में 2008 से पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग संचालित है। इसमें केवल 13 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जबकि पुराने बैचों में अधिकतम छात्र संख्या 28 तक थी। उन्हें पढ़ाने के लिए विभाग ने नियत मानदेय पर तीन अतिथि शिक्षकों को रखा है जबकि यहां एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट, दो असिस्टेंट प्रोफेसर की जरूरत है। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के समन्वयक प्रो. देव सिंह पोखरिया ने बताया कि विवि के माध्यम से शासन को लगातार पत्र व्यवहार कर पद सृजित करने की मांग की गई लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
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शासन नहीं ले रहा कोई रुचि, विवि प्रशासन भी उदासीन
एसएसजे परिसर में दस साल से बिना पद सृजन चल रहा विभाग