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इस बार ठंड में भी जलने लगे जंगल
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:41 PM IST
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अल्मोड़ा। इस साल जाड़ों में ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं शुरू हो गई हैं। इस समस्या से परेशान सिविल सोयम और अल्मोड़ा वन प्रभाग स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। न तो फील्ड के लिए पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही आग की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए बजट मिला है। फिलहाल दोनों विभागों ने फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को सचेत करते हुए आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
तीन दिन पूर्व कसारदेवी के पास माट वन पंचायत और फलसीमा के जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसमें दोनों स्थानों में करीब एक हेक्टेयर वन क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा। वन विभाग के पास दिक्कत यह है कि उसके पास पर्याप्त फील्ड कर्मचारी नहीं हैं। जिससे अवैध शिकार, अवैध पातन, रेसक्यू, वनाग्नि की रोकथाम, वन अपराध आदि कार्यों में नजर रखने के लिए विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सिविल सोयम और वन प्रभाग ने इन दिक्कतों के बावजूद अग्रि सुरक्षा योजना तैयार कर ली है। सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया कि अग्रि सुरक्षा योजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि अग्रि सुरक्षा योजना के लिए धनराशि भी नहीं मिली है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है जिसमें एक डिवीजन के लिए ही करीब 30 लाख का प्रस्ताव है। इसके अलावा पदों की कमी के संबंध में भी हर माह रिपोर्ट भेजी जाती है।
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तीन दिन पूर्व कसारदेवी के पास माट वन पंचायत और फलसीमा के जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसमें दोनों स्थानों में करीब एक हेक्टेयर वन क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा। वन विभाग के पास दिक्कत यह है कि उसके पास पर्याप्त फील्ड कर्मचारी नहीं हैं। जिससे अवैध शिकार, अवैध पातन, रेसक्यू, वनाग्नि की रोकथाम, वन अपराध आदि कार्यों में नजर रखने के लिए विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सिविल सोयम और वन प्रभाग ने इन दिक्कतों के बावजूद अग्रि सुरक्षा योजना तैयार कर ली है। सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया कि अग्रि सुरक्षा योजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि अग्रि सुरक्षा योजना के लिए धनराशि भी नहीं मिली है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है जिसमें एक डिवीजन के लिए ही करीब 30 लाख का प्रस्ताव है। इसके अलावा पदों की कमी के संबंध में भी हर माह रिपोर्ट भेजी जाती है।
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